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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा में बुलंद की जनता की आवाज: मंगला जुलूस और बिजली संकट पर सरकार को घेरा

हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने विधानसभा में बुलंद की जनता की आवाज: मंगला जुलूस और बिजली संकट पर सरकार को घेरा
झारखंड विधानसभा के बाहर मीडिया को संबोधित करते हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद।

हजारीबाग/राँची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार किया। विधायक ने विशेष रूप से हजारीबाग के ऐतिहासिक 'मंगला जुलूस' पर लगाए गए प्रतिबंधों और त्योहारों के दौरान बेलगाम बिजली कटौती के मुद्दे को सदन के पटल पर रखा। उन्होंने इसे न केवल प्रशासनिक विफलता बताया, बल्कि आम नागरिकों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का हनन करार दिया।

मंगला जुलूस: 'क्या झारखंड में त्योहार मनाना अब अपराध है?

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में शून्यकाल के दौरान हजारीबाग के मंगला जुलूस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की कथित अनदेखी की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि हजारीबाग की परंपरा और संस्कृति में मंगला जुलूस का गहरा महत्व है। शांतिपूर्ण और पारंपरिक आयोजनों पर बार-बार प्रतिबंध लगाना यह दर्शाता है कि प्रशासन स्थिति को संभालने के बजाय जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा, "क्या अब झारखंड में त्योहार मनाना भी मुश्किल हो गया है? आखिर ऐसी स्थिति केवल हजारीबाग में ही क्यों पैदा की जा रही है?" उन्होंने मांग की कि सरकार तुष्टीकरण और डर की राजनीति छोड़, धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करे।

अंधेरे में डूबा हजारीबाग: बिजली कटौती पर तीखे सवाल

धार्मिक मुद्दों के साथ-साथ विधायक ने हजारीबाग की चरमराई विद्युत व्यवस्था पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार राज्य के विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर त्योहारों के समय हजारीबाग में भारी बिजली कटौती की जाती है।

विधायक ने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें रखीं

निर्बाध आपूर्ति: पर्व-त्योहारों के दौरान 24 घंटे बिजली सुनिश्चित की जाए।

दीर्घकालिक समाधान: केवल अस्थायी सुधार के बजाय विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना बने।

जवाबदेही तय हो: बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली की कमी से न केवल आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का व्यवसाय भी चौपट हो रहा है, जो साल भर इन त्योहारों का इंतजार करते हैं।

सदन से सड़क तक संघर्ष का संकल्प

प्रदीप प्रसाद ने सदन के माध्यम से हजारीबाग की जनता को आश्वस्त किया कि वे उनके हक की लड़ाई कमजोर नहीं पड़ने देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है और यदि सरकार ने इन समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं निकाला, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि विधायक द्वारा उठाए गए ये मुद्दे आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीति को और गरमा सकते हैं, क्योंकि ये सीधे तौर पर जनता की आस्था और बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं।

Naresh Soni

Editor in Chief Jharkhand India 

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

हजारीबाग में खेल क्रांति की तैयारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में उठाई स्टेडियमों के निर्माण की गूँज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता।
झारखंड विधानसभा के सदन में हजारीबाग की खेल सुविधाओं और स्टेडियम निर्माण की मांग रखते विधायक प्रदीप प्रसाद।

हजारीबाग : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक दूरदर्शी मांग रखी है। विधायक ने सदन का ध्यान हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र की जर्जर खेल संरचनाओं और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स की ओर खींचते हुए सरकार से बजट आवंटन की पुरजोर वकालत की।

कटकमसांडी का अधूरा सपना: कब पूरा होगा खिलाड़ियों का इंतज़ार?

विधायक श्री प्रसाद ने सदन पटल पर प्रमुखता से कटकमसांडी प्रखंड के अधूरे पड़े स्टेडियम का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण न केवल सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं को अभ्यास के लिए मैदान की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्टेडियम के पूरा होने से कटकमसांडी और आसपास के दर्जनों गांवों के एथलीटों को एक पेशेवर मंच मिलेगा।

सिलवार में जगन्नाथ धाम स्टेडियम: शहर की बढ़ती जरूरतों का समाधान

हजारीबाग शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए, सदर प्रखंड के सिलवार स्थित जगन्नाथ धाम में एक नए और आधुनिक स्टेडियम की मांग रखी गई है। विधायक ने तर्क दिया कि शहर के मौजूदा मैदानों पर दबाव बढ़ रहा है। एक सुसज्जित स्टेडियम न केवल अभ्यास के लिए बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी अनिवार्य है। इससे हजारीबाग में खेल पर्यटन (Sports Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल: कटकमदाग और दारू प्रखंड

विधायक प्रदीप प्रसाद का दृष्टिकोण केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कटकमदाग और दारू प्रखंड में भी नए खेल स्टेडियमों के निर्माण की आवश्यकता जताई। उनका मानना है कि झारखंड के गांवों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो केवल उचित बुनियादी ढांचे की। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम बनने से युवाओं का झुकाव नशाखोरी जैसी बुराइयों से हटकर सकारात्मक खेल गतिविधियों की ओर बढ़ेगा।

एडसेंस विशेष विश्लेषण: क्यों जरूरी है यह मांग?

विधायक की इस पहल का मुख्य उद्देश्य हजारीबाग को झारखंड का 'स्पोर्ट्स हब' बनाना है। वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई प्रतिभावान खिलाड़ी बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। यदि सरकार इन प्रस्तावित परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए बजट जारी करती है, तो इससे न केवल खेल संस्कृति मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से आग्रह किया है कि इन परियोजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित न रखकर, धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। 

झारखंड विधानसभा में गूंजी अधिवक्ताओं की आवाज: विधायक प्रदीप प्रसाद ने की 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करने की मांग

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