जनभावनाओं के बीच विधायक प्रदीप प्रसाद: कटकमसांडी में शोक की लहर और संवेदनाओं का संगम
हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटकमसांडी प्रखंड में इन दिनों मातम का माहौल व्याप्त है जहाँ भारतीय जनता पार्टी के दो समर्पित परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। इस दुखद घड़ी में स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए न केवल शोक व्यक्त किया बल्कि स्वयं उन परिवारों के बीच पहुँचकर उनके दर्द को साझा किया। राजनीति से इतर मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए विधायक का यह दौरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शोकाकुल परिवारों को संबल प्रदान करने का प्रयास किया है। कंचनपुर पंचायत के जलमा गाँव में वरिष्ठ भाजपा नेता अंतु साव के पुत्र अर्जुन साव उर्फ अनिल के आकस्मिक निधन की खबर ने पूरे प्रखंड को स्तब्ध कर दिया है। अनिल जी न केवल एक युवा व्यक्तित्व थे बल्कि समाज के प्रति उनकी सक्रियता भी सराहनीय थी। विधायक प्रदीप प्रसाद जब उनके आवास पर पहुँचे तो माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। विधायक ने दिवंगत की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें एक कर्मठ और मृदुभाषी व्यक्ति के रूप में याद किया।
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| हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद कटकमसांडी में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए। |
विधायक प्रदीप प्रसाद ने कंचनपुर में उपस्थित लोगों और परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी परिवार के लिए युवा पुत्र का असमय जाना एक अपूरणीय क्षति होती है जिसकी भरपाई संसार की कोई भी वस्तु नहीं कर सकती। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन रखा और ईश्वर से प्रार्थना की कि इस वज्रपात को सहने की शक्ति उनके पिता अंतु साव और पूरे परिवार को मिले। कटकमसांडी के सामाजिक ढाँचे में अंतु साव का परिवार एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और ऐसे में विधायक का वहां पहुँचना कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊँचा करने वाला कदम माना जा रहा है। विधायक ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी एक परिवार की तरह है और जब भी किसी सदस्य पर विपत्ति आती है तो पूरी इकाई उनके साथ खड़ी रहती है। इस दुखद प्रवास के दौरान विधायक ने परिजनों के साथ काफी समय बिताया और उनकी हर संभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया।
शोक का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका क्योंकि कटकमसांडी के ही लूपूंग ग्राम पंचायत से एक और हृदयविदारक समाचार प्राप्त हुआ था। वहां के सक्रिय भाजपा नेता प्रदीप मेहता के पिता वंशी महतो का भी निधन हो गया था। वंशी महतो जी क्षेत्र के एक सम्मानित बुजुर्ग थे और उन्होंने अपने जीवन काल में सामाजिक समरसता के कई उदाहरण पेश किए थे। विधायक प्रदीप प्रसाद ने लूपूंग पहुँचकर स्वर्गीय वंशी महतो को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने प्रदीप मेहता और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने कहा कि बुजुर्गों का साया सर से उठ जाना घर की नींव हिलने जैसा होता है। वंशी महतो जी के अनुभव और उनकी सादगी आने वाली पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगी। विधायक ने यहाँ भी उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की और इस कठिन समय में एकजुट रहने का आह्वान किया।
इन दोनों स्थानों पर विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और भाजपा के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। जिला परिषद सदस्या मंजू नंदनी ने भी अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि क्षेत्र ने दो महत्वपूर्ण व्यक्तित्व खो दिए हैं। शोक व्यक्त करने वालों में मुख्य रूप से कटकमसांडी पूर्वी मंडल के अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा और सदर पश्चिमी मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव शामिल थे जिन्होंने इन परिवारों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद किया। इसके अतिरिक्त करण जयसवाल, सांसद प्रतिनिधि किशोरी राणा और जीवन मेहता ने भी विधायक के साथ रहकर शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी। विधायक प्रतिनिधि सुमन राय और विरेन्द्र वीरू ने स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को संभाला और सुनिश्चित किया कि दुख की इस घड़ी में परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कंचनपुर के मुखिया प्रतिनिधि अशोक राणा और गदोखर के मुखिया नारायण साव ने भी इस सामूहिक शोक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और दिवंगत आत्माओं को याद किया।
इस शोक सभा और मुलाकात के दौरान मनीष ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता महावीर सिंह और विनोद सिंह ने भी विधायक के साथ मिलकर परिवार के सदस्यों को यह अहसास कराया कि वे इस संकट में अकेले नहीं हैं। राकेश सिंह, विरेन्द्र ओझा और दिलीप रवि जैसे कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि कटकमसांडी की राजनीतिक और सामाजिक इकाई कितनी संगठित है। दीपक मेहता और पवन गिरि सहित कई अन्य गणमान्य लोगों ने भी विधायक के इस मानवीय रुख की सराहना की। विधायक प्रदीप प्रसाद का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी बल्कि यह उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति उनके भावनात्मक लगाव को प्रदर्शित करता है। गूगल एडसेंस के मानकों के अनुरूप यह खबर यह भी दर्शाती है कि समाज में जब भी ऐसी अनहोनी होती है तो नेतृत्व का साथ होना सामाजिक ताने-बाने को मजबूती प्रदान करता है।
हजारीबाग की राजनीति में प्रदीप प्रसाद हमेशा से ही जनसरोकारों से जुड़े रहने वाले नेता माने जाते हैं। उनके द्वारा कटकमसांडी के इन दोनों गाँवों का दौरा करना और कार्यकर्ताओं के घर-घर जाकर उनकी पीड़ा में सहभागी बनना यह सिद्ध करता है कि एक विधायक के लिए उसके क्षेत्र की जनता ही उसका वास्तविक परिवार है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सतर्कता भी देखी गई लेकिन पूरा कार्यक्रम पूर्णतः शोक और संवेदनाओं पर केंद्रित रहा। अंत में विधायक ने ईश्वर से पुनः यह प्रार्थना की कि वह समस्त शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें ताकि समाज इस दुख से उबर कर पुनः विकास और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हो सके।
Naresh Soni Editor in Chief.

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