बिष्णुगढ़ की हृदयविदारक घटना विधायक प्रदीप प्रसाद ने न्याय के लिए फूंका बिगुल, पीड़ित परिवार को सांत्वना और मदद
HAZARIBAGH: झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बिष्णुगढ़ प्रखंड आज गहरे शोक और आक्रोश की लहर में डूबा हुआ है। यहाँ एक १२ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई अमानवीय दरिंदगी और उसके पश्चात की गई निर्मम हत्या ने न केवल स्थानीय क्षेत्र को बल्कि पूरे राज्य की मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग के लोकप्रिय विधायक प्रदीप प्रसाद ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार के साथ अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने इस जघन्य अपराध पर न केवल दुख प्रकट किया है, बल्कि इसे समाज के माथे पर एक गहरा कलंक बताते हुए दोषियों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई का शंखनाद कर दिया है।
![]() |
| बिष्णुगढ़ में पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाते हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी व अन्य गणमान्य_1 |
विधायक प्रदीप प्रसाद ने घटना के संदर्भ में कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी अमानवीय और घृणित हरकतें किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन और राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक ने पुरजोर तरीके से मांग उठाई है कि इस नृशंस कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों को मृत्युदंड से कम कोई भी सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में ऐसे दरिंदों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक हमारी बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर सकेंगी। दोषियों को सजा दिलाना अब समय की सबसे बड़ी मांग और हमारी नैतिक जिम्मेदारी बन गई है।
![]() |
बिष्णुगढ़ में पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाते हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी व अन्य गणमान्य_2. |
न्याय की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से इस पूरे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने की मांग की है। उनका तर्क है कि सामान्य अदालती प्रक्रिया में समय लगने के कारण अक्सर अपराधियों के हौसले बुलंद रहते हैं और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई होने से न केवल दोषियों को शीघ्रता से उनके अंजाम तक पहुँचाया जा सकेगा, बल्कि यह समाज में एक मिसाल भी पेश करेगा कि मासूमों के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंत बहुत जल्द और अत्यंत कठोर होता है। विधायक ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करें और सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती के साथ अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें।
इस संकट की घड़ी में विधायक प्रदीप प्रसाद और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुँचकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर उनकी पीड़ा को साझा किया और आश्वासन दिया कि वे इस लंबी कानूनी लड़ाई में अकेले नहीं हैं। विधायक ने न केवल भावनात्मक सहयोग दिया, बल्कि तत्काल राहत के रूप में पीड़ित परिवार को निजी तौर पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि परिवार की सुरक्षा और उनकी हर संभव सहायता करना प्रशासन का पहला कर्तव्य होना चाहिए। मौके पर उपस्थित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उन्होंने मामले की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा लिया।
![]() |
बिष्णुगढ़ में पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाते हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी व अन्य गणमान्य_3. |
एक अत्यंत मानवीय कदम उठाते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने दिवंगत बच्ची के पिता की घर वापसी का जिम्मा भी उठाया। ज्ञात हो कि बच्ची के पिता रोजगार के सिलसिले में मुंबई में निवास करते हैं और इस आकस्मिक त्रासदी के कारण वे तत्काल अपने गांव पहुँचने में असमर्थ थे। विधायक ने सुनिश्चित किया कि उनके आवागमन की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि वे अपने घर पहुँचकर इस दुखद घड़ी में अपने परिवार का साथ दे सकें और अपनी बेटी को अंतिम विदाई दे सकें। विधायक के इस प्रयास की स्थानीय लोगों ने काफी सराहना की है क्योंकि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने केवल भाषण नहीं बल्कि धरातल पर संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
इस दौरे के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी, भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य हरिश श्रीवास्तव और कोडरमा सांसद प्रतिनिधि भुवनेश्वर पटेल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में इस घटना की भर्त्सना की और एकजुट होकर न्याय दिलाने का संकल्प लिया। रोशन लाल चौधरी ने भी क्षेत्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर की और कहा कि पुलिस को अपनी गश्त बढ़ाने और अपराधियों में भय पैदा करने की आवश्यकता है। नेताओं ने सामूहिक रूप से ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत बच्ची की आत्मा को शांति प्रदान करें और इस वज्रपात को सहने की शक्ति शोक संतप्त परिवार को दें।
यह घटना वर्तमान समय में महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। विधायक प्रदीप प्रसाद ने समाज के हर वर्ग से अपील की है कि वे अपनी सजगता बढ़ाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस केस की निगरानी करेंगे और जब तक अपराधियों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुँचा दिया जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। बिष्णुगढ़ की इस घटना ने पूरे झारखंड को एकजुट कर दिया है और अब सबकी नजरें पुलिसिया कार्रवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हैं कि कब उस मासूम को वास्तविक न्याय मिलेगा।
Naresh Soni Editor in Chief.



No comments
Post a Comment