हजारीबाग: मुख्यमंत्री पशुधन योजना से सशक्त होंगे ग्रामीण, डाड़ी प्रखंड में लाभुकों को मिले बॉयलर कुक्कुट और बत्तख
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने स्वरोजगार पर दिया जोर; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 8 यूनिट पशुधन का हुआ वितरण
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को डाड़ी प्रखंड मुख्यालय परिसर में मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत एक विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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| मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत हजारीबाग में कुक्कुट और बत्तख वितरण कार्यक्रम की तस्वीर। |
इस कार्यक्रम के दौरान चयनित लाभुकों के बीच 8 यूनिट बॉयलर कुक्कुट (Poultry) और बत्तख (Duck) का वितरण किया गया। योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना और उन्हें पशुपालन के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।
आय बढ़ाने का स्थायी स्रोत बनेगा पशुपालन
मौके पर उपस्थित जिला पशुपालन पदाधिकारी ने लाभुकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की इन योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत पैदा करना है। उन्होंने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे इन संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें ताकि कुक्कुट और बत्तख पालन को एक स्थायी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सके।
अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर डाड़ी अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), प्रखंड प्रमुख और पशुपालन विभाग के विभिन्न अधिकारियों सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और लाभुक उपस्थित थे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद मिलेगी।

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