उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव: BHU और विभावि संयुक्त रूप से चलाएंगे 10 दिवसीय 'संकाय विकास कार्यक्रम'; भारतीय ज्ञान परंपरा और AI का होगा संगम
कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने बताया झारखंड के ग्रामीण व जनजातीय शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर; CAS के तहत करियर प्रमोशन में भी मिलेगी मदद।
हजारीबाग। शिक्षा जगत की दो बड़ी संस्थाएं, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग अब साथ मिलकर उच्च शिक्षा की सूरत बदलेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत "इक्विटी-केंद्रित उच्च शिक्षा: भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण" विषय पर 1 जून से दस दिवसीय विशेष 'संकाय विकास कार्यक्रम' (FDP) का आयोजन किया जा रहा है।
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| Vbu Hazaribagh. |
ज्ञान और तकनीक का अद्भुत संगम
कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की तकनीक (AI) के बीच एक सेतु का काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की सेवा करने वाले शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम और समावेशी बनाना है।
महत्वपूर्ण तिथियां और स्थान (Schedule):
पीएम उषा के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्यक्रम विभिन्न कॉलेजों में निम्नानुसार आयोजित होगा:
हजारीबाग (विभावि परिसर): 01-06 जून
गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह: 02-08 जून
डिग्री कॉलेज, बरही: 03-09 जून
विमेंस कॉलेज, चतरा: 04-10 जून
विमेंस कॉलेज, रामगढ़: 05-11 जून
पंजीकरण और लाभ
अंतिम तिथि: 25 मई, 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।
सीटें: प्रत्येक स्थान पर केवल 60 सीटें निर्धारित हैं।
शुल्क: शिक्षकों के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है।
करियर ग्रोथ: यूजीसी के अनुसार, इस कार्यक्रम का प्रमाणपत्र CAS (Career Advancement Scheme) के तहत पदोन्नति के लिए मान्य होगा।
आयोजन समिति
विभावि के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा और IUCTE के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह इस कार्यक्रम के संरक्षक हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए डॉ. अविनाश कुमार (हजारीबाग), डॉ. मृगेंद्र नारायण सिंह (गिरिडीह), डॉ. जयप्रकाश रविदास (बरही), डॉ. मनीष दयाल (चतरा) और डॉ. रत्ना पांडे (रामगढ़) को समन्वयक बनाया गया है।

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