हजारीबाग में पेयजल संकट से निपटने को प्रशासन मुस्तैद: प्रमंडलवार अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, कंट्रोल रूम नंबर जारी
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग ने जारी की प्रखंडवार अधिकारियों की सूची; जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 06546-262291 पर सीधे कर सकते हैं शिकायत।
हजारीबाग: जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग, हजारीबाग द्वारा एक विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पूरे जिले को तीन मुख्य प्रमंडलों में बांटकर जिम्मेदार अधिकारियों और कनीय अभियंताओं (Junior Engineers) की तैनाती की गई है। साथ ही आम नागरिकों के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी स्थापित किया गया है।
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| Vibhagiye Chiththi. |
समस्या समाधान के लिए प्रमंडल और आवंटित प्रखंडों की सूची:
विभाग द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए अधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि लोग अपने क्षेत्र की पेयजल समस्याओं को लेकर सीधे उनसे संपर्क कर सकें:
1. प्रमंडल सं०-01, हजारीबाग
अपर प्रमंडल पदाधिकारी: रक्षित कुमार (मो०- 8651694007)
आवंटित प्रखंड एवं कनीय अभियंता:
कटकमसांडी एवं कटकमदाग: प्रेम नाथ उरांव प्रसाद (मो०- 8009599783)
सदर एवं दारू: संजीत उरांव (मो०- 7632931408)
चुरचू एवं डाड़ी: मणिकांत कुमार महतो (मो०- 8102690901)
2. प्रमंडल सं०-02, हजारीबाग
अपर प्रमंडल पदाधिकारी: चन्द्रिका राम (मो०- 8789356527)
आवंटित प्रखंड एवं कनीय अभियंता:
ईचाक: अरुण कुमार (मो०- 7295921997)
बड़कागांव एवं केरेडारी: संजीव कुमार (मो०- 7903179626)
विष्णुगढ़ एवं टाटीझरिया: विवेक कुमार रवि (मो०- 7079376302)
3. प्रमंडल बरही, हजारीबाग
अपर प्रमंडल पदाधिकारी: निखिल कुमार (मो०- 8076635024)
आवंटित प्रखंड एवं कनीय अभियंता:
बरकट्ठा एवं चलकुशा: अभिजीत कुमार (मो०- 9508005732)
बरही, चौपारण एवं पदमा: आकिब अहमद (मो०- 9430337916)
नियंत्रण कक्ष (Control Room) पर दर्ज कराएं शिकायत
विभाग द्वारा एक समर्पित दूरभाष संख्या भी जारी की गई है। हजारीबाग जिले का कोई भी नागरिक पेयजल से जुड़ी अपनी किसी भी समस्या या शिकायत को दर्ज कराने के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06546-262291 पर संपर्क कर सकता है। प्रशासन का दावा है कि इस विशेष व्यवस्था से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत का सामना कर रहे लोगों को तुरंत राहत पहुंचाई जा सकेगी।
शीर्षक: जवाबदेही तय होने से ही बुझेगी प्यास
गर्मी की दस्तक के साथ ही झारखंड के कई इलाकों में जलस्तर का नीचे जाना और पेयजल संकट का गहराना एक आम समस्या रही है। ऐसे समय में हजारीबाग पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल विभाग द्वारा अधिकारियों के नंबरों की सूची सार्वजनिक करना और नियंत्रण कक्ष स्थापित करना बेहद सराहनीय कदम है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल खराब होने या जल आपूर्ति ठप होने पर ग्रामीणों को यह समझ नहीं आता कि गुहार कहाँ लगाएं। इस पहल से सीधे तौर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी।
हालांकि, इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जारी किए गए मोबाइल नंबरों पर आने वाले फोन कॉल्स को अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते हैं और नियंत्रण कक्ष में दर्ज शिकायतों का निपटारा कितने समय में होता है। कागजी मुस्तैदी को धरातल पर भी पानी की तरह साफ और सुलभ दिखना होगा, तभी जनता को इस 'विशेष व्यवस्था' का असली लाभ मिल पाएगा।

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