-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

ईचाक और डाडी के स्कूलों में गूंजी 'डीएलएसए' की आवाज; बच्चों को सिखाए गए कानून के नियम, भ्रूण हत्या व डायन प्रथा पर कड़ा प्रहार

हजारीबाग DLSA का स्कूलों में विधिक साक्षरता शिविर। पीडीजे ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर बच्चों को कानून व टोल-फ्री नंबर 15100 की दी गई जानकारी।
0

ईचाक और डाडी के स्कूलों में गूंजी 'डीएलएसए' की आवाज; बच्चों को सिखाए गए कानून के नियम, भ्रूण हत्या व डायन प्रथा पर कड़ा प्रहार

प्रधान जिला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश पर जागरूकता शिविर: 'अधिकार मित्रों' ने बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ किया सजग, टोल-फ्री नंबर 15100 की दी जानकारी।

हजारीबाग: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले के ग्रामीण व शैक्षणिक क्षेत्रों में 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ चलाया जा रहा है।

Dadi Kala Photo shoot Kiya Gaya.

यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन में तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को हजारीबाग जिला अंतर्गत ईचाक प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय (छावनी) तथा डाडी प्रखंड अंतर्गत झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (डाडी) में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।


भ्रूण हत्या और महिला उत्पीड़न जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर कड़ा प्रहार

शिविरों में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्राधिकार द्वारा प्रशिक्षित 'अधिकार मित्रों' ने वर्तमान समाज के कई संवेदनशील और गंभीर कानूनी विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकार मित्रों ने संयुक्त रूप से:

महिला उत्पीड़न व यौन शोषण: महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए बने कड़े कानूनों की जानकारी दी।

भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या: समाज के माथे पर कलंक बनी कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच के खिलाफ बने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के कड़े प्रावधानों से अवगत कराया।

डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम: सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के कारण होने वाली प्रताड़ना (डायन-भूत कुप्रथा) पर कड़ा प्रहार करते हुए इसके कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बतलाया।

घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह के लिए डायल करें '15100'

कार्यक्रम के दौरान लोगों को नालसा और झालसा की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी पीड़ित या जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे ही कानून से संबंधित सटीक जानकारी और सलाह प्राप्त कर सकता है, जो कि पूरी तरह निःशुल्क है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा सुलभ मंच है जहां समाज का कोई भी शोषित वर्ग केवल एक साधारण आवेदन के माध्यम से मुफ्त सरकारी वकील (अधिवक्ता) और कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।

न्याय सदन के 'मध्यस्थता केंद्र' से बच रहा समय और पैसा

शिविर में कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति दिलाने वाले न्याय सदन स्थित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि इस केंद्र में प्रतिदिन अनेकों मुकदमों और पारिवारिक विवादों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति, सौहार्दपूर्ण बातचीत और सुलह-समझौते के आधार पर कराया जाता है। इससे न केवल लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों की मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिलती है, बल्कि पैसों की भारी खर्च और समय की बर्बादी से भी बचा जा सकता है।

प्रधानाचार्य ने भी की प्राधिकार की सराहना

आयोजन के दौरान संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों (प्रिंसिपल्स) ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने स्कूली स्तर पर बच्चों को कानूनन साक्षर बनाने के इस प्रयास की सराहना की और डीएलएसए से मिलने वाली विभिन्न विधिक सुविधाओं पर प्रकाश डाला।

इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं मुख्य रूप से प्राधिकार के अधिकार मित्र निर्मल राम, अभिषेक कुमार, कंचन मेहता, सुरेंद्र कुमार, रामचंद्र राम और शशि कुमार सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संपादकीय संदेश: प्राथमिक विद्यालय छावनी और डाडी बालिका आवासीय विद्यालय में जिस तरह जमीनी स्तर पर बच्चियों को कानून के प्रति जागरूक किया गया, वह बेहद सराहनीय है। भ्रूण हत्या, महिला उत्पीड़न और डायन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जब बचपन से ही कानूनी समझ विकसित होगी, तभी हमारा समाज सही मायने में अपराधमुक्त और सुरक्षित बन सकेगा। न्यूज़ प्रहरी डीएलएसए हजारीबाग के इस अभियान की सराहना करता है।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972