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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

प्रधान जि
SaraiyaDih.

ला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर महा-अभियान: चौक-चौराहों पर सजी विधिक चौपाल, टोल-फ्री नंबर 15100 के जरिए घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह की दी गई जानकारी।

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग और विधिक रूप से साक्षर बनाने के लिए एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को पूरे जिले में एक साथ विधिक साक्षरता की बयार बही।

यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन में तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित किया गया। इसी कड़ी में बुधवार को हजारीबाग जिला अंतर्गत सभी 16 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों, प्रमुख चौक-चौराहों और विद्यालयों में सघन जागरूकता सत्र चलाए गए।

मीडिएटर्स और अधिकार मित्रों ने संभाली कमान, जनता को किया जागरूक

जिले के सभी 16 प्रखंडों में प्राधिकार द्वारा प्रतिनियुक्त प्रशिक्षित मीडिएटर्स (मध्यस्थों) और 'अधिकार मित्रों' ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर कमान संभाली। उन्होंने स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को कानून की बुनियादी और आवश्यक धाराओं की जानकारी दी।

शिविरों के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:

नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाएं: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद, शोषित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सरकारी स्तर पर चलाई जा रही विधिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

सिर्फ एक आवेदन पर मुफ्त वकील: अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा सुलभ माध्यम है, जहां कोई भी गरीब व्यक्ति केवल एक साधारण आवेदन देकर कोर्ट-कचहरी के मामलों के लिए निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता (वकील) की सेवा प्राप्त कर सकता है।

टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की दी गई जानकारी

ग्रामीणों को कानूनी रूप से सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि यदि उन्हें कोई कानूनी समस्या है या वे किसी विषय पर विधिक परामर्श चाहते हैं, तो वे इस नंबर पर कॉल करके घर बैठे पूरी तरह निःशुल्क और प्रामाणिक कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

'मध्यस्थता केंद्र' से मुकदमों के बोझ और खर्च से मिल रही राहत

शिविर में उपस्थित लोगों को न्याय सदन परिसर में संचालित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की कार्यशैली और फायदों से अवगत कराया गया। प्रबुद्ध वक्ताओं ने बताया कि:

इस केंद्र में प्रतिदिन अनेकों दीवानी, पारिवारिक और छोटे-मोटे आपसी वादों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण बातचीत के आधार पर कराया जाता है।

सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के निष्पादन से सालों-साल चलने वाले मुकदमों की प्रताड़ना, पैसों के भारी खर्च और कीमती समय की बर्बादी से आम जनता को सीधी राहत मिल रही है।

सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की रही उपस्थिति

जिलेभर में एक साथ आयोजित इस महा-अभियान में विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, पंचायतों के प्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के अधीन कार्यरत सभी समर्पित अधिकार मित्रों और मीडिएटर्स ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज को विधिक रूप से सशक्त करने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय संदेश: हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में एक ही दिन व्यापक स्तर पर कानूनी साक्षरता शिविर लगाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की एक अदभुत और ऐतिहासिक संगठनात्मक सफलता है। कानून की जानकारी का अभाव ही अक्सर ग्रामीणों के शोषण और अदालतों में बढ़ते मुकदमों का मुख्य कारण होता है। जब समाज का हर वर्ग टोल-फ्री नंबर 15100 और मध्यस्थता केंद्र जैसी सुविधाओं से अवगत होगा, तभी त्वरित और सुलभ न्याय का सपना साकार हो सकेगा।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

ईचाक और डाडी के स्कूलों में गूंजी 'डीएलएसए' की आवाज; बच्चों को सिखाए गए कानून के नियम, भ्रूण हत्या व डायन प्रथा पर कड़ा प्रहार

ईचाक और डाडी के स्कूलों में गूंजी 'डीएलएसए' की आवाज; बच्चों को सिखाए गए कानून के नियम, भ्रूण हत्या व डायन प्रथा पर कड़ा प्रहार

प्रधान जिला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश पर जागरूकता शिविर: 'अधिकार मित्रों' ने बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ किया सजग, टोल-फ्री नंबर 15100 की दी जानकारी।

हजारीबाग: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले के ग्रामीण व शैक्षणिक क्षेत्रों में 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ चलाया जा रहा है।

Dadi Kala Photo shoot Kiya Gaya.

यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन में तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को हजारीबाग जिला अंतर्गत ईचाक प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय (छावनी) तथा डाडी प्रखंड अंतर्गत झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (डाडी) में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।


भ्रूण हत्या और महिला उत्पीड़न जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर कड़ा प्रहार

शिविरों में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्राधिकार द्वारा प्रशिक्षित 'अधिकार मित्रों' ने वर्तमान समाज के कई संवेदनशील और गंभीर कानूनी विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकार मित्रों ने संयुक्त रूप से:

महिला उत्पीड़न व यौन शोषण: महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए बने कड़े कानूनों की जानकारी दी।

भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या: समाज के माथे पर कलंक बनी कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच के खिलाफ बने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के कड़े प्रावधानों से अवगत कराया।

डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम: सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के कारण होने वाली प्रताड़ना (डायन-भूत कुप्रथा) पर कड़ा प्रहार करते हुए इसके कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बतलाया।

घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह के लिए डायल करें '15100'

कार्यक्रम के दौरान लोगों को नालसा और झालसा की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी पीड़ित या जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे ही कानून से संबंधित सटीक जानकारी और सलाह प्राप्त कर सकता है, जो कि पूरी तरह निःशुल्क है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा सुलभ मंच है जहां समाज का कोई भी शोषित वर्ग केवल एक साधारण आवेदन के माध्यम से मुफ्त सरकारी वकील (अधिवक्ता) और कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।

न्याय सदन के 'मध्यस्थता केंद्र' से बच रहा समय और पैसा

शिविर में कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति दिलाने वाले न्याय सदन स्थित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि इस केंद्र में प्रतिदिन अनेकों मुकदमों और पारिवारिक विवादों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति, सौहार्दपूर्ण बातचीत और सुलह-समझौते के आधार पर कराया जाता है। इससे न केवल लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों की मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिलती है, बल्कि पैसों की भारी खर्च और समय की बर्बादी से भी बचा जा सकता है।

प्रधानाचार्य ने भी की प्राधिकार की सराहना

आयोजन के दौरान संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों (प्रिंसिपल्स) ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने स्कूली स्तर पर बच्चों को कानूनन साक्षर बनाने के इस प्रयास की सराहना की और डीएलएसए से मिलने वाली विभिन्न विधिक सुविधाओं पर प्रकाश डाला।

इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं मुख्य रूप से प्राधिकार के अधिकार मित्र निर्मल राम, अभिषेक कुमार, कंचन मेहता, सुरेंद्र कुमार, रामचंद्र राम और शशि कुमार सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

संपादकीय संदेश: प्राथमिक विद्यालय छावनी और डाडी बालिका आवासीय विद्यालय में जिस तरह जमीनी स्तर पर बच्चियों को कानून के प्रति जागरूक किया गया, वह बेहद सराहनीय है। भ्रूण हत्या, महिला उत्पीड़न और डायन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जब बचपन से ही कानूनी समझ विकसित होगी, तभी हमारा समाज सही मायने में अपराधमुक्त और सुरक्षित बन सकेगा। न्यूज़ प्रहरी डीएलएसए हजारीबाग के इस अभियान की सराहना करता है।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग: कटकमदाग के प्रोग्रेसिव हाई स्कूल में DLSA की पाठशाला; छात्र-छात्राओं को सिखाए गए पोक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और कानून के कड़े नियम

हजारीबाग: कटकमदाग के प्रोग्रेसिव हाई स्कूल में DLSA की पाठशाला; छात्र-छात्राओं को सिखाए गए पोक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और कानून के कड़े नियम

चलकुशा प्रखंड के चौक-चौराहों पर भी लगा विधिक शिविर: पीएलवी (PLV) की टीम ने ग्रामीणों को सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ किया जागरूक, टोल-फ्री नंबर 15100 की दी जानकारी।

हजारीबाग। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले के सुदूर ग्रामीण और स्कूली क्षेत्रों में 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार (16 मई 2026) को कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत प्रोग्रेसिव हाई स्कूल परिसर में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और देश के महत्वपूर्ण कानूनों की बुनियादी जानकारी देकर सशक्त बनाया गया।

90 Dino Ke Vishesh Jagrukta Abhiyan.

स्कूली बच्चों को दी गई पोक्सो एक्ट और घरेलू हिंसा की जानकारी

विद्यालय में आयोजित इस शिविर का कुशल संचालन कटकमदाग प्रखंड के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) तरुण कुमार सिन्हा, नवाज शरीफ, रुपेश रंजन, अनिल रंजन, उमेश कुमार एवं सूरज कुमार की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्ध वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उनके दैनिक जीवन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील विषयों पर विस्तार से जानकारी दी:

पोक्सो एक्ट (POCSO Act): बच्चों को यौन शोषण से सुरक्षा प्रदान करने वाले कड़े पोक्सो कानून के बारे में जागरूक किया गया।

घरेलू हिंसा और बाल श्रम: समाज में महिलाओं और बच्चों के उत्पीड़न को रोकने तथा बाल श्रम के खिलाफ बने कानूनों की जानकारी दी गई।

नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव: युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और इसके मानसिक व सामाजिक नुकसानों से अवगत कराया गया।

डायन प्रथा और मोटर वाहन अधिनियम: समाज में फैले अंधविश्वास (डायन-भूत प्रतिषेध अधिनियम) पर कड़ा प्रहार किया गया, साथ ही सड़क सुरक्षा के नियमों की महत्ता समझाई गई।

चलकुशा प्रखंड के चौक-चौराहों पर भी सजी विधिक चौपाल

विधिक प्राधिकार की यह मुहिम केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसी कड़ी में चलकुशा प्रखंड के चलकुशा पंचायत सहित विभिन्न ग्रामीण चौक-चौराहों पर भी समानांतर शिविरों का आयोजन किया गया। यहाँ आम ग्रामीणों को राष्ट्रीय लोक अदालत और मासिक लोक अदालत के माध्यम से लंबे समय से लंबित मुकदमों के त्वरित और आपसी सहमति से निष्पादन (सुलह-समझौते) के लाभ समझाए गए।

मुफ्त वकील और टोल-फ्री नंबर्स के बारे में किया जागरूक

शिविर में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा मंच है जहाँ छोटे-छोटे आपसी विवादों का समाधान बिना एक भी रुपया खर्च किए बातचीत के माध्यम से कराया जा सकता है। इसके अलावा जरूरतमंदों को कोर्ट कचहरी के लिए निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता (वकील) उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी जानकारी दी गई।

प्रशासन द्वारा जारी दो महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर्स पर विशेष जोर दिया गया:

राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री नंबर (15100): इस पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह ले सकता है।

साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (1930): डिजिटल धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए इस नंबर का उपयोग करने की सलाह दी गई।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

कटकमदाग और चलकुशा प्रखंड में आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, स्थानीय ग्रामीण महिला-पुरुष सहित मुख्य रूप से पीएलवी नरेश कुमार, नवाब फैजल एवं किशोर साव उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दिया।

संपादकीय संदेश (न्यूज़ प्रहरी दृष्टिकोण): ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पोक्सो एक्ट और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक व संवेदनशील विषयों पर बच्चों को जागरूक करना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की एक बेहद दूरदर्शी पहल है। स्कूली स्तर पर मिली यह कानूनी साक्षरता भविष्य में एक जागरूक और अपराधमुक्त समाज की नींव रखने में मील का पत्थर साबित होगी।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग में DLSA का 90 दिवसीय महाअभियान; गांवों में जाकर अधिकार मित्र दे रहे हैं मुफ्त कानूनी सहायता और टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी

हजारीबाग में DLSA का 90 दिवसीय महाअभियान; गांवों में जाकर अधिकार मित्र दे रहे हैं मुफ्त कानूनी सहायता और टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी

सामाजिक कुप्रथाओं पर प्रहार: हरहद पंचायत के चौक-चौराहों पर महिला उत्पीड़न, भ्रूण हत्या और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम पर ग्रामीणों को किया गया जागरूक।


हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय की अलख जगाने के लिए 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DLSA) ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन और प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में संचालित हो रहा है।

90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान

चौक-चौराहों पर चौपाल लगाकर दी गई जानकारी

इसी कड़ी में शुक्रवार को हजारीबाग के सदर प्रखंड अंतर्गत हरहद पंचायत सहित कई आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। प्राधिकार द्वारा प्रशिक्षित अधिकार मित्रों ने सीधे ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उन्हें समाज में व्याप्त कुप्रथाओं व उनके कानूनी पहलुओं से अवगत कराया।

सामाजिक बुराइयों और कानूनों पर चर्चा

शिविर के दौरान अधिकार मित्रों ने संयुक्त रूप से कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर कानूनी जानकारी साझा की:

  • महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा: महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के बारे में बताया गया।

  • भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या: इसे कानूनन जुर्म बताते हुए इसके सामाजिक दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।

  • डायन भूत प्रतिषेध अधिनियम: समाज में फैले इस अंधविश्वास के खिलाफ कड़े कानूनों की जानकारी दी गई और लोगों से वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील की गई।

घर बैठे मिलेगी मदद: टोल-फ्री नंबर 15100

ग्रामीणों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं (NALSA और JALSA स्कीम्स) के बारे में बताते हुए मुफ्त कानूनी सहायता के लिए जारी राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों ने स्पष्ट किया कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे किसी भी प्रकार की कानूनी सलाह पूरी तरह निःशुल्क (Free of Cost) प्राप्त कर सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (न्याय सदन) एक ऐसा मंच है, जहां सिर्फ एक साधारण आवेदन देकर गरीब और जरूरतमंद लोग मुफ्त वकील और कानूनी सहायता पा सकते हैं।

मध्यस्थता केंद्र से बच रहा है समय और पैसा

अभियान में ग्रामीणों को कोर्ट परिसर स्थित 'मध्यस्थता केंद्र' (Mediation Centre) के लाभ भी समझाए गए। उन्हें बताया गया कि कैसे यहाँ प्रतिदिन दर्जनों मुकदमों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति और बातचीत के आधार पर सुलह-समझौते से कराया जाता है। इससे लोग वर्षों तक चलने वाले मुकदमों की अदालती जटिलताओं, पैसों के खर्च और समय की बर्बादी से बच रहे हैं।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

सदर प्रखंड के इस पूरे जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से अधिकार मित्र ममता कुमारी, सुलेखा माला, इंदु गुप्ता, उमा शंकर, दीपू कुमारी सहित कई स्थानीय समाज सेवी उपस्थित रहे।

संपादकीय संदेश:

DLSA की यह जमीनी पहल ग्रामीण इलाकों से अज्ञानता और कानूनी डर को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगी। टोल-फ्री नंबर 15100 का प्रचार-प्रसार अधिक से अधिक होना चाहिए ताकि अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंच सके।


प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क। 

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