सांसद मनीष जायसवाल का पुलिस को अल्टीमेटम: "10 दिनों में चरमराई हजारीबाग की कानून-व्यवस्था, पत्रकारों पर हमले के दोषियों को बचा रही पुलिस"
बैंक डकैती, फायरिंग और बच्चों की मौत जैसी घटनाओं से दहला हजारीबाग; मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में मीडियाकर्मियों से मारपीट पर सांसद ने साधा निशाना।
हजारीबाग। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था और हाल ही में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को सांसद सेवा कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता के दौरान उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि अपराधियों ने नए पुलिस अधीक्षक (SP) का स्वागत बड़ी वारदातों के साथ किया है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
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| Press Conference. |
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| Sansad Manish Jaiswal |
कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
सांसद मनीष जायसवाल ने पिछले 10-12 दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं का ब्योरा देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए:
- बैंक डकैती: बरही में 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में दिनदहाड़े 6 से 7 करोड़ की लूट पर सांसद ने आश्चर्य जताया।
- पुलिस प्रताड़ना: मुफस्सिल थाने में एक महिला और दो वर्षीय बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और पिटाई का मामला उठाया।
- फायरिंग और हत्या: केरेडारी में दंपति पर फायरिंग और मुफस्सिल क्षेत्र में तीन बच्चों के शव बरामद होने की घटना को पुलिस की विफलता बताया।
- हाईवा में आग: बड़कागांव क्षेत्र में हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की घटना।
सांसद ने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल वारंटियों को पकड़ना ही पर्याप्त नहीं है, अपराध नियंत्रण प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो भाजपा सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।
पत्रकारों पर हमला: मंत्री और पुलिस घेरे में
प्रेस-वार्ता के दूसरे चरण में सांसद ने सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- पुलिस की चुप्पी: आवेदन के बावजूद अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है।
- मंत्री का रुख: मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि मंत्री इरफान अंसारी एक 'सेलेक्टिव माइंडसेट' के साथ हजारीबाग आए थे। जब उनके सामने पत्रकारों से बदसलूकी हुई, तब उन्होंने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?
विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी दी चेतावनी
सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की घटनाएं शर्मनाक हैं और अपराधी की कोई पार्टी नहीं होती। उन्होंने मुफस्सिल थाना की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय होती, तो तीन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मीडियाकर्मियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार बताया।


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