हजारीबाग: मेरू और चूरचू में गूँजा 'न्याय का संदेश'; 15100 हेल्पलाइन से घर बैठे मिलेगी कानूनी मदद, DLSA ने दी महिला उत्पीड़न और बाल विवाह पर जानकारी
90 दिवसीय महाअभियान के तहत ग्रामीणों को सिखाया गया कानून का पाठ; मुफ्त वकील और प्री-लिटिगेशन सुविधाओं के प्रति किया गया जागरूक।
हजारीबाग। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के तत्वाधान में 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता अभियान जोर-शोर से जारी है। इसी क्रम में आज सदर प्रखंड की मेरू पंचायत और चूरचू प्रखंड की चूरचू पंचायत सहित जिले के कई अन्य क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
![]() |
| DLSA Jagrukta Abhiyan, |
घर बैठे मिलेगी कानूनी सलाह: हेल्पलाइन 15100
शिविर में प्रशिक्षित 'अधिकार मित्रों' ने ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस नंबर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे किसी भी कानूनी समस्या पर विशेषज्ञ की सलाह ले सकता है, जो पूरी तरह निशुल्क है।
सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध प्रहार
अधिकार मित्रों ने संयुक्त रूप से बाल विवाह, भ्रूण हत्या एवं महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों पर कानूनी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि समाज में व्याप्त इन कुरीतियों के विरुद्ध कानून सख्त है और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए DLSA हमेशा तत्पर रहता है।
बिना कोर्ट गए सुलझेंगे विवाद
शिविर में 'प्री-लिटिगेशन' (मुकदमेबाजी से पहले समाधान) के महत्व को समझाया गया। बताया गया कि आपसी विवादों को कोर्ट पहुँचने से पहले ही DLSA के माध्यम से समझौता कराकर सुलझाया जा सकता है। साथ ही, जरूरतमंदों को मुफ्त सरकारी वकील मुहैया कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
मार्गदर्शन और मॉनिटरिंग
यह पूरा अभियान प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की पूरी मॉनिटरिंग स्वयं सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी कर रहे हैं, ताकि हर ग्रामीण तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित हो सके।

No comments
Post a Comment