कोयलांचल में सांसद मनीष जायसवाल की 'महा-दहाड़': अरगड़ा CCL मुख्यालय का ऐतिहासिक घेराव; झुका प्रबंधन, 10 महीने में बनेगा वाटर फिल्टरेशन प्लांट
बिजली, पानी और लचर अस्पताल व्यवस्था के खिलाफ फूटा 14 पंचायतों का आक्रोश; महाप्रबंधक ने लिखित आश्वासन देकर आज से ही आपूर्ति सुधारने का किया वादा।
गिद्दी/अरगड़ा/रामगढ/हज़रिबघ । सीसीएल अरगड़ा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, बदहाल कॉलोनियों और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक महाआंदोलन हुआ। सांसद के आह्वान पर आयोजित इस धरना-प्रदर्शन और महाप्रबंधक (GM) कार्यालय के घेराव में अरगड़ा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाशरशीड क्षेत्र की कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे देख सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए।
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| Maha Andolan, |
25 दिनों से बूंद-बूंद पानी को तरस रही थी 1 लाख की आबादी
विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है। पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प थी, जिससे जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था। धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया।
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| hazaribagh ko sogaat |
अस्पताल में 5 डॉक्टर पर बीपी मशीन सिर्फ एक, गिद्दी पुल भी अटका
धरनास्थल पर उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन की दमनकारी नीतियों पर तीखे बाण चलाए। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा:
लचर स्वास्थ्य व्यवस्था: गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है।
अटका विकास: बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है।
दोहरा चरित्र: अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कॉलोनियों में कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
"प्रबंधन के निरंकुश अधिकारी समय रहते सुधर जाएं और जनता को अपना मालिक समझें, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी। अगर जनता उग्र हुई, तो आप कुर्सी पर बैठने लायक नहीं रहेंगे।" — मनीष जायसवाल, सांसद, हजारीबाग
CCL प्रबंधन ने टेके घुटने, दिया लिखित आश्वासन
सांसद के कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को झुकना पड़ा। अरगड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मांगों को जायज ठहराते हुए लिखित आश्वासन दिया कि:
क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जाएगा।
आगामी 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की सुचारू आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार किया जाएगा।
महाप्रबंधक द्वारा समयबद्ध तरीके से मांगों को पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद ने ज्ञापन सौंपकर धरने को समाप्त करने की घोषणा की।
आंदोलन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल
इस ऐतिहासिक घेराव में मुख्य रूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, सत्येंद्र नारायण सिंह, रंजीत पांडेय, राजीव जायसवाल, पूनम साहू, अनिल मिश्रा, जयनारायण प्रसाद, राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।


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