प्रशासनिक हलचल: डीसी हेमंत सती ने खंगाला जेपी केंद्रीय कारागार का सीसीटीवी रूम; ओपन जेल के कैदियों को मिलेगी पशुपालन की ट्रेनिंग
निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज की कार्यकारी एजेंसी को सख्त हिदायत, प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ मांगी मैपिंग
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
हजारीबाग:
झारखंड के हजारीबाग से प्रशासनिक मुस्तैदी और सरकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमन्त सती ने सोमवार को जिले के कई महत्वपूर्ण और अति-संवेदनशील सरकारी परिसरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक लोक नायक जयप्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा (जेल), खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र और निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज परिसर का सघन दौरा कर व्यवस्थाओं का ऑन-द-स्पॉट जायजा लिया।
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| हजारीबाग लोक नायक जयप्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा और निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण करते उपायुक्त हेमंत सती व अन्य अधिकारी। |
इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक दौरे की मुख्य बातें और उपायुक्त द्वारा दिए गए कड़े निर्देश निम्नलिखित हैं:
🏢 केन्द्रीय कारा (जेल) का औचक निरीक्षण: मुलाकाती कक्ष से वॉच टावर तक की जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जेल अधीक्षक की मौजूदगी में संपूर्ण जेल परिसर का भ्रमण किया। सुरक्षा से लेकर बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य बिंदु रहे:
- मुलाकाती कक्ष: उपायुक्त ने खुद मुलाकाती कक्ष पहुंचकर कैदियों के परिजनों से बातचीत की और उनके लिए लाई जा रही सामग्रियों की जांच प्रक्रिया (Security Check) को देखा।
- विधिक सेवाएं: कारा परिसर में संचालित पारा लीगल सेल के वॉलेंटियर से मिलकर कैदियों को मिलने वाली कानूनी मदद की जानकारी ली।
- सुरक्षा एवं बुनियादी सुविधाएं: विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करते हुए पेयजल व्यवस्था, शौचालय, शेड, सीसीटीवी सर्विलांस रूम, वॉच टावर और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। साथ ही होमगार्ड जवानों के कार्यों का भी जायजा लिया गया।
- रिफॉर्म और स्वास्थ्य: जेल के भीतर संचालित प्रिंटिंग प्रेस, फाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, हैंडलूम एवं पावरलूम इकाई की गतिविधियों को देखा। इसके अलावा किचन, अस्पताल वार्ड तथा दवाओं की उपलब्धता की जांच कर आवश्यक निर्देश दिए।
🔓 खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र: कैदियों को मिलेगा पशुपालन का प्रशिक्षण
केन्द्रीय कारा के बाद उपायुक्त ने हजारीबाग खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया:
- यहां उन्होंने सजायाफ्ता कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं को समझा।
- परिसर के पशु शेड का निरीक्षण करने के दौरान जब कैदियों ने पशुपालन के क्षेत्र में ट्रेनिंग लेने की इच्छा जताई, तो उपायुक्त ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए शीघ्र ही पशुपालन विभाग के समन्वय से विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया।
🏥 निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज: कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
अपने भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर का भी रुख किया। उन्होंने वहां चल रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति को देखा और मौके पर उपस्थित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को हिदायत दी कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और पूरे मानचित्र व प्रगति रिपोर्ट के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।
🏛️ पुराने समाहरणालय भवन परिसर का उपयोग
दौरे के अंत में उपायुक्त ने पुराने जिला समाहरणालय परिसर का भ्रमण किया। वहां स्थित पुराने और वर्तमान में निष्क्रिय पड़े भवनों की उपयोगिता और उनके भविष्य में संभावित इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली तथा उचित दिशा-निर्देश जारी किए।
"इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी और संवेदनशील संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करना तथा जहां भी कमी हो, वहां तुरंत आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।" — हेमन्त सती, उपायुक्त (हजारीबाग)
सार्वजनिक सुझाव (Public Advisory)
📌 न्यूज प्रहरी की अपील (हजारीबाग वासियों के लिए):
जिला प्रशासन द्वारा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि आपको शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज या अन्य किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं (जैसे पेयजल, साफ-सफाई या दवाओं की उपलब्धता) से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो इसकी शिकायत सीधे अस्पताल प्रबंधन या जिला प्रशासन के शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराएं। आपकी सजगता ही व्यवस्था में सुधार लाएगी।
संपादकीय टिप्पणी: धरातल पर सुधार की व्यावहारिक जरूरत (Editorial)
औचक निरीक्षण से निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार को मिलेगी गति
हजारीबाग डीसी हेमंत सती का केंद्रीय कारागार से लेकर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज तक का यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक सक्रियता का एक बेहतरीन उदाहरण है। विशेष रूप से ओपन जेल के कैदियों की इच्छा पर उन्हें 'पशुपालन की ट्रेनिंग' दिलाने का निर्णय मानवीय और सुधारात्मक दृष्टिकोण से बेहद सराहनीय है। यह कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके पुनर्वास में मील का पत्थर साबित होगा।
हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के अधूरे निर्माण कार्य को समय पर पूरा कराने की है। कार्यकारी एजेंसियों द्वारा अक्सर डेडलाइन को आगे बढ़ाया जाता है, जिससे आम जनता को आधुनिक स्वास्थ्य लाभ मिलने में देरी होती है। डीसी द्वारा प्रोग्रेस रिपोर्ट और मैपिंग मांगना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब कागजी दावों के बजाय जमीनी प्रगति देखना चाहता है। उम्मीद है कि इस कड़े रुख के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
- रिपोर्टर: नरेश सोनी / मुन्ना सिंह (Editor-in-Chief, News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): जिला जनसंपर्क कार्यालय (PRD) एवं ग्राउंड जीरो निरीक्षण

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