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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग गुरुद्वारा में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस

हजारीबाग गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा के साथ मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस। पटना साहिब के रागी जत्था ने किया कीर्तन, बंटा लंगर।
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हजारीबाग गुरुद्वारा में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस

"पटना साहिब से आए रागी जत्था ने शबद-कीर्तन से संगत को किया निहाल; अटूट लंगर और कच्ची लस्सी का हुआ वितरण"— विशेष ब्यूरो रिपोर्ट

सांस्कृतिक ब्यूरो, हजारीबाग:

शहर स्थित गुरुद्वारा साहिब में गुरु सिंह सभा एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में सिख धर्म के पांचवें गुरु, गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस को श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेका तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

hazaribagh gurudwara mein shraddha aur bhakti ke saath manaya gaya guru arjan dev ka shahidi divas

शबद-कीर्तन और गुरुवाणी से गूंज उठा गुरुद्वारा साहिब

​धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा साहिब में आयोजित विशेष दीवान से हुई। इसमें पटना साहिब गुरुद्वारा से आए हजूरी रागी कविंदर सिंह जत्था द्वारा गुरुबाणी एवं स्थानीय ग्रंथि परमजीत सिंह और मनप्रीत कौर ने सुमधुर शबद-कीर्तन प्रस्तुत किया, जबकि तबले पर संतोष कुमार ने संगत की। कीर्तन के माध्यम से गुरु अर्जन देव के त्याग, बलिदान, मानवता, सेवा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च योगदान को याद किया गया। उपस्थित संगत ने गुरुवाणी का श्रवण कर आध्यात्मिक शांति एवं प्रेरणा प्राप्त की।

मानवता की रक्षा के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

​शबद-कीर्तन के दौरान हजूरी रागी कविंदर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव ने सत्य, न्याय और मानव कल्याण के मार्ग पर चलते हुए धर्म के लिए बलिदान दिया था। उनका जीवन समाज को प्रेम, सहिष्णुता, सेवा और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके कारण उन्हें इतिहास में 'शहीदों के सरताज' के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है।

समानता और भाईचारे का संदेश देता अटूट लंगर

​इस अवसर पर हजारीबाग की सिख साध-संगत ने बड़ी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दीवान की समाप्ति के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच गुरु का अटूट लंगर और कच्ची लस्सी का प्रसाद वितरित किया गया। संगत ने एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण किया, जो समानता, सेवा और भाईचारे की सिख परंपरा को प्रदर्शित करता है। गुरुद्वारा परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और लोगों ने गुरु अर्जन देव के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का संकल्प लिया।

​कार्यक्रम की जानकारी देते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रौशन सिंह कालरा एवं सचिव आनंद राज सिंह कालरा ने बताया कि गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है, जो त्याग, तपस्या और मानव सेवा की प्रेरणा प्रदान करता है। प्रबंधन ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाली समस्त साध-संगत के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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