-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

कटकमदाग हादसे की पीड़िता के परिवार की मदद को आगे आया प्रशासन प्रकोष्ठ: राशन सामग्री और वस्त्रों का किया गया वितरण

हजारीबाग: कटकमदाग हादसे की पीड़िता को IPGC टीम ने दी राशन सामग्री। कुमार गौरव ने बच्ची की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया।
0

 

कटकमदाग हादसे की पीड़िता के परिवार की मदद को आगे आया प्रशासन प्रकोष्ठ: राशन सामग्री और वस्त्रों का किया गया वितरण

"भारतीय प्रशासनिक लोक शिकायत एवं प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने बच्ची को दिया भविष्य में मुफ्त शिक्षा का भरोसा; निस्वार्थ योगदान को बताया मानवता की सच्ची मिसाल"— विशेष रिपोर्ट

सामाजिक एवं प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: जिला संवाददाता (News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): भारतीय प्रशासनिक लोक शिकायत एवं प्रकोष्ठ (IPGC) प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 10 जून 2026)

हजारीबाग:

हजारीबाग जिले के कटकमदाग में हाल ही में हुए बेहद दुखद हादसे की पीड़िता के परिवार को संबल देने के लिए सामाजिक संगठन और प्रबुद्ध नागरिक आगे आए हैं। मानवता की भावना और सामाजिक सहयोग के तहत 'भारतीय प्रशासनिक लोक शिकायत एवं प्रकोष्ठ' (IPGC) द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात की गई। संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय समाजसेवियों के संयुक्त प्रयासों से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत पहुंचाते हुए राशन सामग्री और वस्त्र प्रदान किए गए। इस नेक कार्य में सभी सहयोगकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और संकट की इस घड़ी में जरूरतमंद परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

🤝 मानवता की मिसाल: कटकमदाग हादसे की पीड़िता के साथ खड़ा हुआ 'प्रशासन प्रकोष्ठ'; राशन वितरण के साथ बच्ची की शिक्षा की ली जिम्मेदारी!

बच्ची की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाएगा आईपीजीसी (IPGC) परिवार

​इस मानवीय पहल के दौरान प्रकोष्ठ के प्रदेश उप सचिव कुमार गौरव ने हादसे से प्रभावित बच्ची से बात की और उसे ढांढस बंधाया। उन्होंने बच्ची को पूर्ण रूप से आश्वस्त किया कि भविष्य में उसकी पढ़ाई-लिखाई में आने वाले किसी भी व्यवधान को दूर करने के लिए आईपीजीसी (IPGC) परिवार की ओर से हर संभव वित्तीय और शैक्षणिक सहायता दी जाएगी। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि ऐसे मानवीय कार्य समाज में एकता, करुणा और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।

राहत अभियान में इन प्रमुख पदाधिकारियों और समाजसेवियों का रहा योगदान

​अन्नदान एवं वस्त्रदान के इस पुण्य कार्य को सफल बनाने और पीड़ित परिवार तक सीधी सहायता पहुंचाने में संगठन के निम्नलिखित पदाधिकारियों और समाजसेवियों की मुख्य भूमिका रही:

  • कुमार गौरव (प्रदेश उप सचिव, भारतीय प्रशासनिक लोक शिकायत एवं प्रकोष्ठ)
  • विक्रमादित्य सिंह (जिला अध्यक्ष)
  • राज कुमार पासवान (जिला सचिव)
  • निमेष कुमार (मीडिया प्रभारी)
  • पप्पू प्रजापति (उपाध्यक्ष)
  • प्रदीप मेहता (वरिष्ठ समाजसेवी)
  • मनीष कुमार, पुनीत राम, रंजन गुप्ता और अंकिता मेहरा (सक्रिय सदस्य)

​संगठन के नेतृत्व ने इस निस्वार्थ योगदान को मानवता की सच्ची मिसाल बताते हुए कहा कि सभी सम्मानित सदस्यों की संवेदनशीलता और सेवा भाव के कारण ही पीड़ित परिवार के चेहरों पर मुस्कान लाना संभव हो सका है।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड ( विधिक व सामाजिक सुरक्षा ज्ञान / Social Welfare Framework)

​📌 जानिए क्या हैं पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी और विधिक सहायता के नियम?

  • आपदा एवं दुर्घटना मुआवजा: झारखंड सरकार के नियमानुसार किसी भी बड़े हादसे या दुर्घटना के शिकार परिवारों को जिला प्रशासन (Disaster Management Department) के माध्यम से त्वरित अनुग्रह राशि (Ex-gratia) और अंत्येष्टि सहायता दी जाती है।
  • बाल संरक्षण और मुफ्त शिक्षा: 'बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग' (NCPCR) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत, किसी भी हादसे में अनाथ या प्रभावित हुए बच्चों को मुफ्त अनिवार्य शिक्षा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) जैसी आवासीय संस्थाओं में प्राथमिकता के आधार पर नामांकन का विधिक अधिकार प्राप्त है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: संकट के समय पीड़ित परिवारों को सामाजिक संबल देना जरूरी (Editorial)

सरकारी सहायता की सुस्ती के बीच सामाजिक संगठनों का आगे आना समाज की जीवंतता का प्रतीक

हजारीबाग के कटकमदाग में हुआ हादसा बेहद हृदयविदारक था। ऐसे समय में जब प्रशासनिक मुआवजा प्रक्रियाओं में अक्सर फाइलों का लंबा सफर तय करना पड़ता है, 'भारतीय प्रशासनिक लोक शिकायत एवं प्रकोष्ठ' (IPGC) का जमीन पर उतरकर राशन और वस्त्र पहुंचाना सराहनीय है। सबसे महत्वपूर्ण बात प्रदेश उप सचिव कुमार गौरव द्वारा पीड़ित बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन देना है। किसी पीड़ित परिवार के लिए तात्कालिक राशन से ज्यादा जरूरी उसका भविष्य सुरक्षित करना होता है। 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि समाज के अन्य सक्षम लोगों और जिला प्रशासन को भी इस बच्ची के दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए आगे आना चाहिए ताकि उसका भविष्य अंधकारमय न हो।

और पढ़ें:हजारीबाग राजस्व समीक्षा बैठक में कड़े तेवर: प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने कहा- दाखिल खारिज में लापरवाही पर अंचल अधिकारियों पर होगी सीधी कार्रवाई

हजारीबाग एसबीआई मुख्य शाखा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: मुफ्त कानूनी सहायता की मिली विस्तृत जानकारी


No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972