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Editor: Naresh Prasad Soni
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कटकमदाग दोहरे हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा; ओला शोरूम का कर्मी ही निकला कातिल, दोनों मासूमों के शव बरामद

हजारीबाग कटकमदाग दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा। आरोपी ओला शोरूम कर्मी संजीत पासवान गिरफ्तार, दोनों बच्चों के शव बरामद।
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हजारीबाग सनसनी: मोबाइल दिलाने के बहाने दो मासूम भाई-बहन का किया अपहरण, फिर की निर्मम हत्या; आरोपी संजीत पासवान गिरफ्तार

एसपी के निर्देश पर गठित SIT ने जिला छोड़कर भाग रहे आरोपी को दबोचा; श्मशान घाट की झाड़ी से बहन और कुएं से मिला भाई का शव

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची और उसके 03 वर्षीय मासूम भाई के अपहरण और सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने शत-प्रतिशत खुलासा कर दिया है. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अपराध को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को हजारीबाग पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जिला छोड़कर भागने के क्रम में गिरफ्तार कर लिया है.

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी वह आधिकारिक प्रेस-विज्ञप्ति, जिसमें कटकमदाग दोहरे हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी और मामले के शत-प्रतिशत उद्भेदन की विस्तृत जानकारी दी गई है।

लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास ओला शोरूम से गायब हुए थे बच्चे

​पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र के ग्राम कुद (वर्तमान पता) निवासी वादी मो० आमिर (स्थायी पता: ग्राम-चाचीपुर, थाना-अहरोली, जिला-अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश) ने कटकमदाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 11 वर्षीय पुत्री और 03 वर्षीय पुत्र शहरी क्षेत्र के ओला शो-रूम (निकट लक्ष्मी पेट्रोल पंप) के पास से अचानक गायब हो गए हैं. इस शिकायत के आधार पर कटकमदाग थाना काण्ड संख्या 90/26 (दिनांक 30.05.2026) धारा 137(2)/96 बी०एन०एस० के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया.

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी वह आधिकारिक प्रेस-विज्ञप्ति, जिसमें कटकमदाग दोहरे हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी और मामले के शत-प्रतिशत उद्भेदन की विस्तृत जानकारी दी गई है।
4अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बनी SIT, सीसीटीवी से खुला राज

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर श्री अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), हजारीबाग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. टीम ने तत्काल घटनास्थल और उसके आसपास के संभावित मार्गों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली.


​फुटेज में साफ देखा गया कि एक व्यक्ति ओला शो-रूम के बाहर से दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले जा रहा है. जब उस व्यक्ति का भौतिक सत्यापन किया गया, तो उसकी पहचान ओला शो-रूम में ही काम करने वाले कर्मी संजीत कुमार पासवान (पिता- रामवतार पासवान, निवासी- सिन्दुर, थाना- कोर्रा, जिला- हजारीबाग) के रूप में हुई.

श्मशान घाट और कुएं से बरामद हुए दोनों मासूमों के शव

​पुलिस की छापेमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त संजीत पासवान को दिनांक 03 जून 2026 को उस समय धर-दबोचा जब वह जिले से भागने की फिराक में था. इससे पूर्व, दिनांक 31.05.2026 को ही पुलिस को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिन्दुर स्थित श्मशान घाट से 11 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ था, जहां FSL और डॉग स्क्वायड की टीम ने गहन साक्ष्य जुटाए थे.

​इसके बाद आरोपी संजीत पासवान की निशानदेही पर पुलिस बल ने बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाकर श्मशान घाट से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक कुएं से 03 वर्षीय मासूम भाई का शव भी बरामद कर लिया, जिसे एक बोरे में बंद कर फेंका गया था. दोनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया.

आरोपी का कबूलनामा: शोर मचाने पर दोनों को उतारा मौत के घाट

​गिरफ्तार अभियुक्त संजीत पासवान ने पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी घटना का खुलासा किया. उसने बताया कि:

  • ​उक्त नाबालिग लड़की पिछले दो महीने से ओला शोरूम की तरफ आती-जाती थी, जिससे उसकी जान-पहचान हो गई थी.
  • ​दिनांक 27.05.2026 को वह दोनों भाई-बहन को अपनी स्कूटी पर बैठाकर बाहर घूमाने, कुछ खिलाने और नया मोबाइल दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर सिन्दुर श्मशान घाट ले गया.
  • ​वहां सुनसान जगह पर रात के वक्त उसने लड़की के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया. जब लड़की ने शोर मचाना (हो-हल्ला) शुरू किया, तो उसने पकड़े जाने के डर से लड़की को श्मशान घाट के बहते पानी में डुबोकर और गला घोंटकर मार डाला तथा शव को झाड़ियों में छिपा दिया.
  • ​इसके बाद इस जघन्य अपराध को छुपाने और पहचान उजागर होने के डर से उसने पास में ही खड़े लड़की के 03 वर्षीय छोटे भाई की भी गला घोंटकर हत्या कर दी. उसने बच्चे के शव को प्लास्टिक के बोरे में डाला, उसकी गर्दन को प्लास्टिक से बांधा और पास के कुएं में फेंक दिया.

काण्ड में प्रयुक्त स्कूटी और बोरा बरामद

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटी (पंजीकरण संख्या- JH02BH-8804) और शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त 01 प्लास्टिक का बोरा अभियुक्त के घर व श्मशान घाट के पास से बरामद कर लिया है.

उद्भेदन टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी:

इस बड़े काण्ड के सफल और त्वरित निष्पादन में बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री अमित आनंद (भा०पु०से०), अपर पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, मुख्यालय डीएसपी श्री ज्ञान रंजन, पेलावल अंचल के पु०नि० सपन महथा, सदर थाना प्रभारी चन्द्रशेखर कुमार, कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार, कोर्रा थाना प्रभारी नेमधारी रजक, गद्दी थाना प्रभारी ईकबाल हुसैन, उरीमारी ओ०पी० प्रभारी रघु उरांव, पु०अ०नि० चितरंजन कुमार, पु०अ०नि० पुन्नु यादव, पु०अ०नि० बिट्टू रजक, स०अ०नि० लक्ष्मण तिवारी, मनोज कुमार और हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा की मुख्य भूमिका रही.

संपादकीय विश्लेषण: मासूमों की सुरक्षा और डिजिटल समाज में छिपे भेड़िए (Editorial)

विश्वास की आड़ में छिपी दरिंदगी; समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत

हजारीबाग के कटकमदाग में घटित यह दोहरा हत्याकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के ताने-बाने और बच्चों की सुरक्षा पर एक गहरा आघात है। महज 11 वर्ष की बच्ची और 3 वर्ष के मासूम को मोबाइल दिलाने और घूमाने के बहाने मौत के घाट उतार देना यह दर्शाता है कि अपराधी किस हद तक संवेदनहीन हो चुके थे। ओला शोरूम के एक कर्मचारी पर भरोसा करना उन मासूमों के लिए काल बन गया। हजारीबाग पुलिस और विशेषकर एसपी द्वारा गठित एसआईटी टीम की जितनी सराहना की जाए वो कम है, जिसने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों का सटीक विश्लेषण कर महज कुछ ही दिनों के भीतर न केवल दोनों शवों को बरामद किया, बल्कि भाग रहे हत्यारे को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

​हालांकि, यह घटना हर माता-पिता और अभिभावक के लिए एक गंभीर सबक है। आज के दौर में बच्चों को परिचितों या आस-पास काम करने वाले लोगों के भरोसे अकेला छोड़ना कितना खतरनाक हो सकता है, यह इस घटना से साफ है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपना काम बखूबी कर दिया है, अब न्यायपालिका से उम्मीद है कि ऐसे दरिंदे को कम से कम समय में स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर फांसी जैसी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि हजारीबाग ही नहीं बल्कि पूरे देश में कानून का खौफ कायम हो सके।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): प्रेस-विज्ञप्ति, पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, हजारीबाग (दिनांक– 03.06.2026)

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