-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

Hamar Hazaribagh: हजारीबाग में दो दिवसीय खो-खो टूर्नामेंट संपन्न; चैंपियंस और वॉरियर क्लब बने विजेता, खिलाड़ियों ने दिखाया दम

हजारीबाग में दो दिवसीय खो-खो टूर्नामेंट संपन्न। चैंपियंस और वॉरियर क्लब बने विजेता। हर्ष अजमेरा ने कहा- खेलों से जुड़कर नशामुक्त समाज बनाएं।
0

खेलों से जुड़ेगा युवा, तो नशामुक्त होगा समाज: हजारीबाग खो-खो प्रतियोगिता के समापन पर बोले युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा

महिला वर्ग में चैंपियंस क्लब और पुरुष वर्ग में वॉरियर क्लब ने जीता खिताब; जिला खेल पदाधिकारी कैलाश राम ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

क्रीड़ा भारती हजारीबाग के तत्वावधान में स्थानीय स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय खो-खो टूर्नामेंट का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष वर्ग की कुल सात टीमों ने हिस्सा लिया और अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसका मैदान में मौजूद खेल प्रेमियों और दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।

 हजारीबाग स्थानीय स्टेडियम में आयोजित खो-खो टूर्नामेंट के समापन पर विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित करते मुख्य अतिथि हर्ष अजमेरा, विभाग संयोजक विकास केसरी व अन्य।

रोमांचक मुकाबलों के परिणाम: चैंपियंस और वॉरियर क्लब ने मारी बाजी

​टूर्नामेंट के अंतिम दिन महिला और पुरुष दोनों वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले गए:

  • महिला वर्ग का फाइनल: महिला वर्ग के खिताबी मुकाबले में हजारीबाग चैंपियंस क्लब ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खो-खो अकादमी, हजारीबाग को 12-5 के बड़े अंतर से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
  • पुरुष वर्ग का फाइनल: पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाला रहा। इसमें हजारीबाग वॉरियर क्लब ने एसएसबीएम (SSBM) को 20-19 के बेहद करीबी (1 अंक) अंतर से हराकर चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की।

खेल पदाधिकारी और अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

​प्रतियोगिता के दौरान हजारीबाग के जिला खेल पदाधिकारी कैलाश राम ने खिलाड़ियों से मैदान पर परिचय प्राप्त किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के हुनर की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।

​समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग ओलंपिक संघ के अध्यक्ष व युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा उपस्थित थे। उनके साथ क्रीड़ा भारती के विभाग संयोजक विकास केसरी, डॉ. राहुल, डॉ. विक्रम, चंद्रशेखर दास और अजीत कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। क्रीड़ा भारती के सदस्यों ने बुके और स्मृति चिह्न देकर सभी अतिथियों को सम्मानित किय

  • हजारीबाग स्थानीय स्टेडियम में आयोजित खो-खो टूर्नामेंट के समापन पर विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित करते मुख्य अतिथि हर्ष अजमेरा, विभाग संयोजक विकास केसरी व अन्य।

युवा खेलों से जुड़कर नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से रहें दूर: हर्ष अजमेरा

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हर्ष अजमेरा ने कहा:

"खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और एक बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण करता है। आज के समय में हमारे युवाओं को खेलों से अधिक से अधिक जुड़ना चाहिए ताकि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रह सकें। एक स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।"


​वहीं क्रीड़ा भारती के विभाग संयोजक विकास केसरी ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण की भूमिका तय की जा रही है। समारोह के अंत में अतिथियों द्वारा विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई। क्रीड़ा भारती हजारीबाग के अध्यक्ष भैया मुरारी सिन्हा ने प्रतियोगिता को सफल बनाने वाले सभी अंपायरों, रेफरी और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मौके पर उपस्थित गणमान्य:

इस खेल उत्सव के अवसर पर मुख्य रूप से बहादुर राम, सिटी गोप, अविनाश कुमार, राहुल कुमार, रोबिन कुमार, नूतन कुजूर, अमित कुमार सहित भारी संख्या में स्थानीय खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे।

खेल मार्गदर्शिका (News Prahari Sports Guide & Rules Context)

​📌 न्यूज प्रहरी स्पोर्ट्स इनसाइट: खो-खो खेल के बुनियादी नियम और लाभ

  1. टीम संरचना: खो-खो एक पारंपरिक भारतीय मैदानी खेल है, जिसमें प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं, लेकिन मैदान पर एक समय में केवल 9 खिलाड़ी ही उतरते हैं।
  2. मैच की अवधि: यह खेल दो पारियों (Innings) में खेला जाता है। एक पारी में चेसिंग (पीछा करना) और डिफेंडिंग (बचना) के लिए 9-9 मिनट के दो टर्न होते हैं।
  3. शारीरिक और मानसिक लाभ: खो-खो खेलने से खिलाड़ियों में गजब की फुर्ती (Agility), स्टेमिना और रणनीतिक सोच का विकास होता है। यह कम खर्चीला और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहद लोकप्रिय खेल है।

संपादकीय विश्लेषण: स्वदेशी खेलों को प्रोत्साहन और युवाओं का नशामुक्त भविष्य (Editorial)

क्रिकेट के चकाचौंध के बीच खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों को जिला स्तर पर जिंदा रखना सराहनीय

हजारीबाग में क्रीड़ा भारती द्वारा खो-खो टूर्नामेंट का सफल आयोजन इस मायने में विशेष है कि आज के डिजिटल युग में जब युवा वर्ग मोबाइल गेम्स और सोशल मीडिया में खोया है, तब उन्हें मैदान तक वापस लाना एक बड़ी उपलब्धि है। खो-खो और कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल न केवल कम बजट में तैयार हो जाते हैं, बल्कि यह खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से बेहद सुदृढ़ बनाते हैं। महिला वर्ग में चैंपियंस क्लब और पुरुष वर्ग में वॉरियर क्लब की जीत यह दर्शाती है कि हजारीबाग के स्थानीय क्लबों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

​मुख्य अतिथि हर्ष अजमेरा का यह कथन कि 'युवा खेलों से जुड़कर नशामुक्त समाज का निर्माण करें', आज के परिप्रेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक है। हजारीबाग सहित झारखंड के कई जिलों में युवाओं के बीच बढ़ता नशा एक गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है। खेलों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ना इस समस्या का सबसे प्रभावी समाधान हो सकता है। हालांकि, जिला खेल विभाग को केवल टूर्नामेंट कराने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि इन विजेता खिलाड़ियों को आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कैंपों के लिए उन्नत प्रशिक्षण (Coaching) और स्पोर्ट्स डाइट की सुविधा मिले। यदि स्थानीय स्तर पर ऐसे खिलाड़ियों को सरकारी या निजी क्षेत्रों में प्रोत्साहन और रोजगार के अवसर मिलने लगें, तो झारखंड का यह हुनर देश दुनिया में राज्य का नाम रोशन करेगा।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): क्रीड़ा भारती, हजारीबाग (टूर्नामेंट समापन प्रेस विज्ञप्ति)

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972