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Editor: Naresh Prasad Soni
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Hamar Hazaribagh: हजारीबाग में करोड़ों के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश; ममेरे भाई के साथ मिलकर चला रहा था रैकेट, एक गिरफ्तार

हजारीबाग के कोर्रा में करोड़ों के ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़। राहुल कुमार गिरफ्तार, मोबाइल से 4 करोड़ के ट्रांजेक्शन की पुष्टि।
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हजारीबाग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कोर्रा थाना क्षेत्र से सट्टा कारोबारी राहुल कुमार गिरफ्तार, मोबाइल से 3 से 4 करोड़ के ट्रांजेक्शन की पुष्टि

'जेएसआर ग्रुप' के नाम से मास्टर आईडी बनाकर भोले-भले लोगों को देते थे झांसा; कई सट्टेबाजी ऐप्स और आईफोन बरामद

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग:

हजारीबाग जिला पुलिस को साइबर अपराधियों और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में चलाए गए एक सघन छापेमारी अभियान में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के अवैध कारोबार में लिप्त गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अभियुक्त के पास से बरामद स्मार्टफोन्स की जांच में कई सट्टेबाजी ऐप्स के लॉगिन आईडी और करीब 3 से 4 करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (वित्तीय लेनदेन) का खुलासा हुआ है.

हजारीबाग पुलिस की गिरफ्त में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का सदस्य राहुल कुमार और बरामद आईफोन व अन्य डिजिटल सामग्रियां।

गुप्त सूचना पर डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में बनी विशेष टीम

​पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हजारीबाग जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी का अवैध धंधा संचालित करने वाले प्रिंस कुमार एवं राहुल कुमार गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी. 31 मई 2026 को पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि यह गिरोह कोर्रा थाना क्षेत्र में मौजूद है और जिले के कई थाना क्षेत्रों के युवाओं को सट्टेबाजी ऐप्स के माध्यम से इस अवैध दलदल में धकेल रहा है.

​मामले की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मुख्यालय श्री ज्ञान रंजन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम में कोर्रा थाना प्रभारी और लोहसिंघना थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारियों और सशस्त्र बलों को शामिल किया गया.

Press Releases.

पुलिस को देखकर भागने लगा सट्टा कारोबारी

​गठित टीम ने कोर्रा थाना क्षेत्र के संभावित ठिकानों पर त्वरित छापेमारी की. छापेमारी के दौरान पुलिस बल को देखकर एक युवक घबराकर भागने लगा, जिसे चौकस पुलिसकर्मियों ने खदेड़कर पकड़ लिया. पकड़े गए व्यक्ति की पहचान राहुल कुमार के रूप में हुई. तलाशी लेने पर उसके पास से एक सफेद रंग का आईफोन (iPhone) और एक काले रंग का शाओमी (Xiaomi) स्मार्टफोन बरामद किया गया.

लॉगिन हालत में मिले ये सट्टेबाजी साइट्स और ऐप्स:

​जब पुलिस ने बरामद दोनों मोबाइलों की तकनीकी जांच की, तो उसमें कई अवैध ऑनलाइन सट्टा साइट्स लॉगिन हालत में पाई गईं, जिनमें कई सारे आईडी बने हुए थे:

  1. SKYEXCHANGE ([https://www.skyexch.biz/#/login](https://www.skyexch.biz/#/login))
  2. axis444 ([https://ag.axis444.com/login](https://ag.axis444.com/login))
  3. red444 ([https://ag.red444.com/login](https://ag.red444.com/login) / Go Panel)

ममेरे भाई के साथ मिलकर 'JSR ग्रुप' के नाम से ठगी

​पूछताछ के दौरान गिरफ्तार राहुल कुमार (पिता: महेश प्रसाद मेहता) ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह और उसका ममेरा भाई प्रिंस कुमार (पिता: सुरेश मेहता, ग्राम: बरवा, थाना: ईचाक) मिलकर इस अवैध कारोबार को चलाते हैं. ये दोनों 'JSR (जेएसआर) ग्रुप' के नाम से मास्टर आईडी बनाकर भोले-भाले लोगों को ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर फंसाते थे और उनसे मोटी रकम ऐंठकर ठगी करते थे.

हजारीबाग के अलावा कई जिलों में फैला था नेटवर्क

​पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस सट्टेबाजी नेटवर्क के तार हजारीबाग के अलावा रामगढ़, रांची और चतरा जिले से भी जुड़े हुए हैं, जहां से इस आईडी का संचालन किया जा रहा था. मुख्य रूप से राहुल और प्रिंस ही इस पूरे नेटवर्क को हैंडल कर रहे थे. अभियुक्त के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों से अब तक लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये के अवैध वित्तीय ट्रांजेक्शन की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है.

संगत धाराओं में केस दर्ज, जेल भेजा गया आरोपी

​इस संबंध में कोर्रा थाना में काण्ड संख्या- 94/26 (दिनांक: 01.06.2026) दर्ज किया गया है. पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2), 316(2), 318(3), 318(4) और The Promotion and Regulation of Online Gambling Act, 2025 की धारा 9(1)/9(3) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस अब इस गिरोह के फरार सदस्य प्रिंस कुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.

सार्वजनिक सुझाव (Public Advisory / Cyber Safety)

​📌 न्यूज प्रहरी की अपील: ऑनलाइन सट्टेबाजी और 'शॉर्टकट' कमाई के लालच से बचें

डिजिटल युग में रातों-रात अमीर बनने या ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी के माध्यम से पैसा कमाने का लालच आपको कंगाल बना सकता है। ऐसे अज्ञात ऐप्स और वेबसाइट्स न सिर्फ गैर-कानूनी हैं, बल्कि इनके जरिए आपका पर्सनल डेटा और बैंक खाता भी साफ हो सकता है। न्यूज प्रहरी अपने तमाम पाठकों, विशेषकर युवाओं से अपील करता है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं। यदि कोई आपको ऐसी मास्टर आईडी या सट्टा खेलने का ऑफर देता है, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर दें।

संपादकीय विश्लेषण: युवाओं का भविष्य लील रहा ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल (Editorial)

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, वित्तीय स्रोतों को फ्रीज करना जरूरी

हजारीबाग पुलिस द्वारा करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करना डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह गिरोह स्थानीय स्तर पर पैर पसारकर कॉलेज जाने वाले और बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहा था। 'जेएसआर ग्रुप' जैसे नाम रखकर और मास्टर आईडी के जरिए सुदूर जिलों (जैसे चतरा, रामगढ़, रांची) तक नेटवर्क चलाना यह साबित करता है कि इसके पीछे एक सुनियोजित कूटनीति काम कर रही थी.

​इस तरह के मामलों में केवल एक आरोपी को जेल भेजना नाकाफी है। पुलिस को तकनीकी और फॉरेंसिक विंग की मदद से उन सभी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स को खंगालना होगा, जिनके जरिए 4 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। जब तक इन सट्टा कारोबारियों के वित्तीय स्रोतों (Financial Channels) को पूरी तरह फ्रीज नहीं किया जाएगा, तब तक मुख्य सरगना के फरार रहने पर यह सिंडिकेट दोबारा खड़ा हो सकता है। स्कूल-कॉलेजों के आसपास पुलिस को विशेष नजर रखनी होगी ताकि युवा पीढ़ी को इस लत और अपराध के रास्ते पर जाने से रोका जा सके।

रिपोर्टर: नरेश सोनी / मुन्ना सिंह (Editor-in-Chief, News Prahari)

समाचार स्रोत (Source): पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, हजारीबाग (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

छापेमारी दल की पूरी प्रोफाइल (प्रशासनिक सम्मान):

​इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से ये पुलिस पदाधिकारी और तकनीकी विंग शामिल रहे:

  1. ज्ञान रंजन - पुलिस उपाधीक्षक (DSP), मुख्यालय हजारीबाग (नेतृत्वकर्ता)
  2. पु० अ० नि० नेमधारी रजक - थाना प्रभारी, कोर्रा थाना
  3. पु० अ० नि० निशान्त केरकेट्टा - थाना प्रभारी, लोहसिंघना थाना
  4. पु० अ० नि० पिन्टु कुमार - लोहसिंघना थाना
  5. पु० अ० नि० पुन्नू यादव - कोर्रा थाना
  6. तकनीकी शाखा (Technical Cell) एवं कोर्रा/लोहसिंघना थाना के सशस्त्र बल

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