हजारीबाग: इचाक मोड़ से हटेंगी फल-सब्जी की दुकानें और ऑटो स्टैंड, उपायुक्त ने संयुक्त निरीक्षण के बाद दिए कड़े निर्देश
सड़क सुरक्षा को लेकर डीसी का बड़ा फैसला: अतिक्रमण मुक्त होगी मुख्य सड़क, दुकानदारों को सुरक्षित स्थान पर किया जाएगा शिफ्ट
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
हजारीबाग:
हजारीबाग के इचाक मोड़ पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और आम जनमानस की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपायुक्त (DC), हजारीबाग द्वारा आज इचाक मोड़ का एक महत्वपूर्ण और विस्तृत संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान नेशनल हाईवे और मुख्य सड़क पर यातायात को बाधित करने वाले कारकों की ऑन-द-स्पॉट समीक्षा की गई। ज्ञात हो कि प्रशासनिक स्तर पर इचाक मोड़ को जिले के एक प्रमुख 'ब्लैक स्पॉट' (सड़क दुर्घटना जनित क्षेत्र) के रूप में चिह्नित किया गया है, जहाँ हाल के दिनों में कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं।
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| हजारीबाग लोक नायक जयप्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा और निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण करते उपायुक्त हेमंत सती व अन्य अधिकारी। |
अव्यवस्थित ऑटो स्टैंड और अवैध दुकानें हैं हादसों की मुख्य वजह
स्थल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दुर्घटनाओं के मुख्य तकनीकी और व्यावहारिक कारणों की बारीकी से जांच की। समीक्षा में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि मुख्य सड़क के किनारे अवैध रूप से लगने वाली फल-सब्जी की दुकानों और बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले ऑटो के कारण यातायात बुरी तरह बाधित होता है। इसके चलते बड़े वाहनों को मुड़ने और राहगीरों को रास्ता पार करने में भारी कठिनाई होती है, जो अंततः जानलेवा हादसों का कारण बनती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने जारी किए ये कड़े निर्देश:
- अतिक्रमण पर त्वरित कार्रवाई: मुख्य सड़क के किनारे लगने वाली सभी फल व सब्जी दुकानों और अनियंत्रित ढंग से खड़े होने वाले ऑटो को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने का सख्त निर्देश दिया गया है।
- रोजगार और सुरक्षा का संतुलन (पुनर्वास): उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्देश दिया कि फल और सब्जी विक्रेताओं को मुख्य सड़क से दूर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित (Shift) किया जाए, ताकि उनका रोजगार भी प्रभावित न हो और हाईवे भी सुरक्षित रहे।
- सख्त यातायात नियम: ऑटो चालकों के लिए एक निर्धारित स्टैंड तय करने तथा नियमों का उल्लंघन कर मुख्य सड़क पर जाम लगाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई।
"सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इचाक मोड़ पर सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को शून्य (Zero) पर लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और हाईवे के किनारे से अतिक्रमण को पूरी तरह साफ किया जाएगा।" — उपायुक्त, हजारीबाग
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण संयुक्त निरीक्षण के मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), मोटर यान निरीक्षक (MVI), इचाक के अंचल अधिकारी (CO), सड़क सुरक्षा प्रबंधक (Road Safety Manager) तथा आईटी सहायक मुख्य रूप से उपस्थित थे। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर इन निर्देशों को जल्द से जल्द धरातल पर लागू करने का आदेश दिया है।
सार्वजनिक सुझाव (Public Advisory / Road Safety)
📌 न्यूज प्रहरी की अपील: जिम्मेदार नागरिक बनें, सड़क सुरक्षा नियम अपनाएं
इचाक मोड़ जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों से गुजरते समय वाहन चालक अपनी गति सीमा को नियंत्रित रखें। ऑटो चालकों से अनुरोध है कि वे यात्रियों को बैठाने या उतारने के लिए मुख्य सड़क के बीच में वाहन न रोकें। स्थानीय दुकानदार भी अपनी दुकानों को सड़क की सीमा से दूर लगाएं। आपकी थोड़ी सी समझदारी किसी की जान बचा सकती है।
संपादकीय विश्लेषण: ब्लैक स्पॉट को सेफ जोन में बदलने की चुनौती (Editorial)
अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ स्थाई मॉनिटरिंग भी है जरूरी
हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा इचाक मोड़ जैसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण करना और वहां से दुकानों व ऑटो स्टैंड को हटाने का निर्णय बेहद व्यावहारिक और स्वागत योग्य कदम है। अक्सर देखा जाता है कि चौराहों पर अव्यवस्थित बाजार और वाहनों के जमावड़े के कारण तेज रफ्तार हाईवे पर हादसों का खतरा दोगुना हो जाता है। दुकानदारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए उनके पुनर्वास की बात कहना प्रशासन के संवेदनशील रुख को दर्शाता है।
हालांकि, इस अभियान की असली सफलता इसके सातत्य (Sustenance) में है। अमूमन पुलिस और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के कुछ ही दिनों बाद दुकानें दोबारा सज जाती हैं और ऑटो फिर से वहीं खड़े होने लगते हैं। इसलिए, इचाक के अंचल अधिकारी (CO) और स्थानीय पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि अतिक्रमण मुक्त कराए जाने के बाद उस क्षेत्र की नियमित निगरानी की जाए और नियमों को तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, ताकि इचाक मोड़ को हमेशा के लिए दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके।
रिपोर्टर: नरेश सोनी / मुन्ना सिंह (Editor-in-Chief, News Prahari
समाचार स्रोत (Source): जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग, हजारीबाग

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