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Editor: Naresh Prasad Soni
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Hamar Hazaribagh: हजारीबाग झील क्षेत्र जल्द बनेगा 'नो व्हीकल जोन', प्रदूषण और शोर से मिलेगी मुक्ति; इन 5 प्रमुख रास्तों पर लगेगी 'नो एंट्री'

हजारीबाग झील क्षेत्र जल्द बनेगा नो व्हीकल जोन। एसपी और नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, त्रिमूर्ति चौक समेत 5 रास्तों पर गाड़ियों की नो एंट्री।
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शहर की लाइफलाइन को संवारने की कवायद: पुलिस कप्तान और नगर आयुक्त ने किया हजारीबाग झील का संयुक्त निरीक्षण; गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक की तैयारी

त्रिमूर्ति चौक से लेकर डीसी-कमिश्नर आवास तक पांच प्रवेश मार्ग चिह्नित; मॉर्निंग वॉकर्स, बच्चों और आम जनता को मिलेगा सुरक्षित व सुंदर माहौल

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग शहर की पहचान, गौरव और लाइफलाइन मानी जाने वाली ऐतिहासिक 'हजारीबाग झील' को स्वच्छ, सुंदर, प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में नगर निगम और जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। झील क्षेत्र के पर्यावरण को सहेजने, इसके सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने और यहां आने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे परिसर को जल्द ही 'नो व्हीकल जोन' (No Vehicle Zone - वाहन मुक्त क्षेत्र) में तब्दील करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

हजारीबाग झील क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाने के उद्देश्य से संयुक्त रूप से निरीक्षण करते पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त एवं अन्य अधिकारी।

इसी सिलसिले में आज, मंगलवार (2 जून 2026) को हजारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP), नगर आयुक्त, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सीसीआर, सहायक नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त और ट्रैफिक थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से पूरे झील क्षेत्र का एक-एक कोने का विस्तृत और सघन निरीक्षण किया।

सुरक्षा और यातायात को लेकर 5 प्रमुख 'नो एंट्री प्वाइंट' चिह्नित

​इस उच्च स्तरीय संयुक्त निरीक्षण के दौरान सुरक्षा और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से झील क्षेत्र की ओर आने वाले पांच प्रमुख प्रवेश मार्गों को 'नो एंट्री प्वाइंट' (No Entry Point) के रूप में चिह्नित किया गया है। आने वाले दिनों में इन रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी जाएगी। चिह्नित किए गए मार्ग निम्नलिखित हैं:

  1. त्रिमूर्ति चौक के पास का प्रवेश मार्ग
  2. एम्फी थिएटर-सीआरपीएफ रोड मार्ग
  3. इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय के समीप का रास्ता
  4. आयुक्त (Commissioner) आवास के पास का प्रवेश मार्ग
  5. उपायुक्त (DC) आवास के समीप का प्रवेश मार्ग

अब केवल पैदल चलने वालों को ही मिलेगी एंट्री

​प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, योजना को पूरी तरह लागू किए जाने के बाद इन सभी पांचों चिह्नित रास्तों से होकर हर प्रकार के दोपहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (बन) कर दिया जाएगा। इस पूरे झील क्षेत्र के दायरे में केवल पैदल चलने वाले लोगों को ही आने-जाने की अनुमति मिलेगी।

​इस विशेष और दूरगामी पहल का मुख्य उद्देश्य झील क्षेत्र को गाड़ियों के धुएं (प्रदूषण) और हॉर्न के कानफाड़ू शोर से पूरी तरह मुक्त करना है, ताकि सुबह-शाम टहलने वाले मॉर्निंग वॉकर्स, बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को खुली व शुद्ध हवा में सैर करने और मनोरंजन का आनंद लेने के लिए एक भयमुक्त, सुरक्षित और आकर्षक माहौल मिल सके।

सार्वजनिक मार्गदर्शिका व सुझाव (Public Advisory / Message)

​📌 न्यूज प्रहरी की अपील: झील की सुंदरता और नियमों का करें सम्मान

हजारीबाग झील हमारे शहर का दिल है। इसे स्वच्छ और सुरक्षित रखने में प्रशासन का सहयोग करें। जब यह नियम पूरी तरह लागू हो जाए, तो अपने वाहनों को नगर निगम द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और झील परिसर के भीतर पैदल चलकर ही आनंद लें। परिसर में कहीं भी कचरा या प्लास्टिक की बोतलें न फेंकें। आपकी जागरूकता ही हजारीबाग को सुंदर बनाएगी।


संपादकीय विश्लेषण: पर्यटन और नागरिक सुरक्षा के लिए मास्टरस्ट्रोक (Editorial)

सराहनीय पहल, लेकिन स्थाई पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा भी है बड़ी चुनौती

हजारीबाग नगर निगम और जिला पुलिस प्रशासन द्वारा झील क्षेत्र को 'नो व्हीकल जोन' घोषित करने का निर्णय पर्यावरण और नागरिक हितों के दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक मास्टरस्ट्रोक है। पिछले कुछ समय से झील के चारों ओर बेतरतीब ढंग से दौड़ते वाहनों और मनचलों की वजह से यहां टहलने आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए हादसों का डर हमेशा बना रहता था। गाड़ियों के धुएं ने इस प्राकृतिक धरोहर की आबोहवा को भी नुकसान पहुंचाया था।

​हालांकि, इस शानदार योजना को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रशासन को दो अहम मोर्चों पर काम करना होगा। पहला- इन पांचों नो-एंट्री प्वाइंट्स के ठीक बाहर पर्याप्त और व्यवस्थित 'वाहनों के लिए पार्किंग स्टैंड' का निर्माण करना होगा, ताकि लोग अपनी गाड़ियां सुरक्षित खड़ी कर सकें। दूसरा- चूंकि गाड़ियां बंद होने से क्षेत्र सुनसान भी हो सकता है, इसलिए पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए झील के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे और पुलिस की पीसीआर/साइकिल गश्ती (Foot Patrolling) को मजबूत करना होगा। यदि इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए, तो हजारीबाग झील पूरे झारखंड के लिए एक आदर्श ईको-टूरिज्म मॉडल बन जाएगी।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी / मुन्ना सिंह (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): कार्यालय: नगर निगम हजारीबाग — प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 30/02.2026/हजारीबाग

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