संघर्ष और सादगी के प्रतीक थे कामरेड सीताराम मेहता: श्रद्धांजलि सभा में गूंजे उनके जनसेवा के किस्से
कटकमसांडी (हजारीबाग): कटकमसांडी प्रखंड के पबरा पंचायत भवन में शुक्रवार को किसान-मजदूर नेता और पूर्व मुखिया कामरेड सीताराम मेहता की 10वीं पुण्यतिथि पूरे सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।
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सादगी और संघर्ष की मिसाल
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड किसान सभा एवं विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कामरेड सीताराम मेहता को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के एक कर्मठ सिपाही थे। उन्होंने हजारीबाग जिला किसान सभा के अध्यक्ष के रूप में तीन बार किसानों के हक के लिए आवाज उठाई। पूर्व सांसद ने कहा, "सीताराम मेहता का पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और मजदूरों-किसानों के प्रति समर्पित रहा। उनका संघर्ष आज के समय में भी हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।"
विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता ने कहा कि कामरेड सीताराम मेहता ने जिस सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को आगे बढ़ाया था, उसे आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने भी उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में व्याप्त असमानता के खिलाफ उनके योगदान को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
बड़ी संख्या में रही उपस्थिति
इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा में सीपीएम जिला सचिव गणेश कुमार सीटू, सीपीआई जिला सचिव अनिरुद्ध कुमार, मेहता विकास मंच के जिला अध्यक्ष नागेश्वर मेहता के साथ-साथ जिला परिषद सदस्य मंजू नंदिनी, पबरा मुखिया सोनी कुमारी समेत क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान-मजदूर उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कामरेड सीताराम मेहता की विचारधारा हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करती रहेगी।

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