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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग का जल सुरक्षित: 16 प्रखंडों में 15 हजार से अधिक पेयजल नमूनों की जांच, रिपोर्ट में गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मिला पानी

हजारीबाग में पेयजल गुणवत्ता जांच पूरी। 15,529 नमूनों की जांच में पानी मानक के अनुरूप। प्रशासन की सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की पहल।
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हजारीबाग में पेयजल स्रोतों की व्यापक जांच: 15,529 नमूनों के विश्लेषण में मिली संतोषजनक गुणवत्ता

संवाददाता, हजारीबाग: जिले के समस्त निवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माध्यम से एक वृहद गुणवत्ता जांच अभियान पूर्ण किया है। हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में संचालित इस अभियान के तहत जल स्रोतों से एकत्रित नमूनों का गहन वैज्ञानिक परीक्षण किया गया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, जिले का जल स्वास्थ्य मानकों के भीतर सुरक्षित पाया गया है।

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​जांच का आधार और कार्यप्रणाली

​उपायुक्त हेमन्त सती के निर्देशन में यह जांच अभियान जल सहियाओं की सक्रिय भागीदारी से संपन्न हुआ। जिले भर में कार्यरत 494 जल सहियाओं ने विभिन्न पेयजल स्रोतों से कुल 15,529 नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों की जांच अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में विभिन्न मानकों के आधार पर की गई, ताकि पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

​रिपोर्ट के प्रमुख मानक और निष्कर्ष

​विभाग द्वारा जारी विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, जल की गुणवत्ता निर्धारित राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। जांच में निम्नलिखित प्रमुख मानकों का औसत स्तर संतोषजनक पाया गया है:

  • पीएच मान (pH Level): 6.95 (जो जल की तटस्थता को दर्शाता है)
  • टर्बिडिटी (Turbidity): 2.1 NTU
  • कुल कठोरता (Total Hardness): 211 mg/l
  • आयरन (Iron): 0.23 mg/l
  • क्लोराइड (Chloride): 20 mg/l
  • नाइट्रेट (Nitrate): 5 mg/l
  • फ्लोराइड (Fluoride): 0.17 mg/l

​इसके अतिरिक्त, क्लोराइड, क्षारीयता, अवशिष्ट क्लोरीन, अमोनिया, फॉस्फेट एवं सल्फेट जैसे अन्य मानकों की भी जांच की गई। रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षण किए गए 15,529 नमूनों में से किसी भी नमूने में जल दूषित होने का मामला दर्ज नहीं हुआ है।

​सुरक्षित पेयजल हेतु जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

​जिला प्रशासन का मानना है कि 'सुरक्षित पेयजल ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है'। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल एक बार का अभियान नहीं है, बल्कि भविष्य में भी पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी की जाएगी। जहां भी गुणवत्ता में किसी प्रकार का विचलन पाया जाएगा, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यापक जांच से जिले के नागरिकों को पेयजल की गुणवत्ता के प्रति निश्चिंत होने का आधार मिला है।

स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग (प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 451/14.07.2026)

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