पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश, निर्धारित समय-सीमा में विकास योजनाएं पूरी करने पर बल
संवाददाता, हजारीबाग
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन से प्राप्त आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 436/10.07.2026) के अनुसार, हजारीबाग परिसदन भवन में शुक्रवार को झारखंड विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति और देवघर के विधायक सुरेश पासवान ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में समिति के सदस्य सह खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा सहित विभिन्न सरकारी विभागों के जिलास्तरीय वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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जनहित से जुड़े विषयों और संचालित योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित और विधानसभा पटल पर उठाए गए अनागत प्रश्नों के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही, जिले में संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी व विकासात्मक योजनाओं की धरातलीय प्रगति, आंतरिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा जनहित से जुड़े विभिन्न नीतिगत विषयों पर गहन मंथन हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए समिति ने लंबित कार्यों की क्रमिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और विधिक व व्यावहारिक सुधारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
पारदर्शिता और समय-सीमा का अनुपालन अनिवार्य
सत्र को संबोधित करते हुए समिति के सभापति सुरेश पासवान ने सभी विभागीय प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करें और योजनाओं का प्रभावी व उत्तरदायी क्रियान्वयन धरातल पर लाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन के हितों और लोक-कल्याण को प्रशासनिक प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान दिया जाना चाहिए। विकास कार्यों की गति को और अधिक तीव्र करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि बजट और संसाधनों का समुचित लाभ जनता को मिल सके।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विभागों के प्रभाग प्रमुख उपस्थित थे, जिन्हें समिति द्वारा विधिक जवाबदेही तय करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए।

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