भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ: झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच ने आजादी के नायकों को किया नमन, बलिदानों को याद कर युवा पीढ़ी को जोड़ने का लिया संकल्प
हजारीबाग (झारखंड)। झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के तत्वाधान में शनिवार (8 अगस्त 2026) को 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) की ऐतिहासिक वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष सम्मान कार्यक्रम सह वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों और जवानी की आहुति देने वाले तथा जेल जाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शत-शत नमन किया गया।
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| Jharkhand Swatantra Senani Vichar Manch members paying tribute to freedom fighters on Quit India Movement anniversary in Hazaribagh |
स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड के वीरों का अद्वितीय योगदान
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में हजारीबाग और पूरे झारखंड क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों की ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के आह्वान पर झारखंड के वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत की ईंट से ईंट बजा दी थी। हजारीबाग केंद्रीय कारागार से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक आजादी के दीवानों ने जो अलख जगाई थी, वह इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
संगोष्ठी के दौरान मंच के सदस्यों ने संकल्प लिया कि झारखंड के इन अमर सेनानियों की वीर गाथाओं और उनके विचारों को आधुनिक युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का काम निरंतर किया जाएगा, ताकि देश की अखंडता और संप्रभुता अक्षुण्ण रहे।
कार्यक्रम में ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा सह संगोष्ठी में क्षेत्र के कई प्रबुद्ध नागरिकों और मंच के वरिष्ठ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
मोहम्मद अजीम, बटेश्वर प्रसाद मेहता, सौदागर प्रसाद, नागेश्वर प्रसाद, कपिल पंडित, राजकुमार सिंह, जनार्दन राय, घनश्याम प्रसाद अग्रवाल, शिवनारायण प्रसाद, सचिदा प्रसाद, फोदी राणा एवं शशांक शेखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया।
Source of Information: झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच, हजारीबाग प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 08.08.2026)

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