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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: कटकमदाग में सरकारी और भूदान की जमीन पर 'अवैध' कब्जा, मुखिया सहित कई पर गंभीर आरोप, भड़कीं महिलाएं

हजारीबाग: कटकमदाग में सरकारी और भूदान की जमीन पर 'अवैध' कब्जा, मुखिया सहित कई पर गंभीर आरोप, भड़कीं महिलाएं

बेस पंचायत के नया टोंगरी में 17 एकड़ भूमि पर प्लॉटिंग का विवाद; महिलाओं ने अंचल कार्यालय घेरा, सीओ ने कहा- कागजात की होगी जांच।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग (झारखंड): झारखंड के हजारीबाग जिले अंतर्गत कटकमदाग प्रखंड में जमीन विवाद का एक बड़ा मामला गरमा गया है। प्रखंड के बेस पंचायत स्थित 'नया टोंगरी' क्षेत्र में सरकारी (गैरमजरुआ) और भूदान में मिली भूमि पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है।

गुरुवार को बेस गांव की सुनीता कुमारी के नेतृत्व में करीब 40-50 महिलाओं का एक दल कटकमदाग अंचल कार्यालय पहुंचा।

महिलाओं का जबरदस्त विरोध, सीओ से कार्रवाई की मांग

गुरुवार को बेस गांव की सुनीता कुमारी के नेतृत्व में करीब 40-50 महिलाओं का एक दल कटकमदाग अंचल कार्यालय पहुंचा। महिलाओं ने अंचल अधिकारी (सीओ) सत्येंद्र नारायण पासवान को लिखित आवेदन सौंपकर इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप और जांच की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के समर्थन में प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष सुनील कुमार ओझा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शारदा रंजन दुबे भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
गुरुवार को बेस गांव की सुनीता कुमारी के नेतृत्व में करीब 40-50 महिलाओं का एक दल कटकमदाग अंचल कार्यालय पहुंचा। किया सीओ से सीधे संवाद।

क्या है 17 एकड़ भूमि का विवाद?

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गांव के खाता संख्या 01 और प्लॉट संख्या 662 के तहत लगभग 17 एकड़ भूमि आती है। ग्रामीणों का दावा है कि इस विशाल भूखंड का एक बड़ा हिस्सा गैरमजरुआ (सरकारी) भूमि है, जबकि कुछ हिस्सा स्थानीय निर्धन परिवारों को भूदान आंदोलन के तहत मिला हुआ है।

आरोप है कि बेस पंचायत के वर्तमान मुखिया दीपक यादव, कृष्णा यादव, राजेंद्र गोप, मो. नसीम खान और शंभू राणा सहित अन्य लोग जेसीबी मशीनों के जरिए इस जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर रहे हैं। जब स्थानीय महिलाओं ने मौके पर जाकर इसका विरोध किया, तो वहां तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रशासनिक रुख और आंदोलन की चेतावनी

महिलाओं ने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।

इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कटकमदाग सीओ सत्येंद्र नारायण पासवान ने कहा, "मामला संज्ञान में आया है। जमीन पर दावेदारी करने वाले दोनों पक्षों से संबंधित कानूनी कागजात मांगे गए हैं। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियम-संगत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

पक्ष और विपक्ष की दलीलें

एक ओर जहां ग्रामीण इसे सरकारी और गरीबों की जमीन बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुखिया दीपक यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मुखिया का कहना है कि उन्होंने इस जमीन का विधिवत 'पावर ऑफ अटॉर्नी' लिया है और वे उसी कानूनी आधार पर प्लॉटिंग कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाली महिलाएं जमीन पर भूदान का दावा तो कर रही हैं, लेकिन उनके पास इसका कोई ठोस प्रमाण या कागजात उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष: फिलहाल प्रशासन की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या यह वाकई विकास के नाम पर कानूनी प्लॉटिंग है या फिर सरकारी भूमि को हड़पने का संगठित प्रयास, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। 

पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह की पहल से हारम टोंगरा का दूर हुआ अंधेरा, लगा नया ट्रांसफार्मर

पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह की पहल से हारम टोंगरा का दूर हुआ अंधेरा, लगा नया ट्रांसफार्मर

हजारीबाग। जनसमस्याओं के प्रति जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता कैसे किसी क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है, इसका एक ताजा उदाहरण कटकमदाग प्रखंड में देखने को मिला है। प्रखंड के बेस पंचायत अंतर्गत ग्राम हारम टोंगरा में पिछले कई दिनों से गहराया बिजली संकट अब पूरी तरह से दूर हो गया है। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह की सक्रियता और सार्थक पहल के बाद गांव में पच्चीस केवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है।

"पूर्व सदर प्रत्याशी मुन्ना सिंह की पहल पर हारम टोंगरा गांव में स्थापित पच्चीस केवीए का नया ट्रांसफार्मर और मौजूद ग्रामीण।"

अंधेरे में डूबा था पूरा गांव

जानकारी के अनुसार, हारम टोंगरा गांव का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप थी। पूरा गांव शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता था। बिजली नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को हो रही थी, जिनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। इसके अलावा किसानों के दैनिक कृषि कार्य और महिलाओं के घरेलू कामकाज पर भी इसका व्यापक असर पड़ रहा था।

समस्या की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई

गांव वालों की इस गंभीर परेशानी की सूचना जैसे ही पूर्व सदर प्रत्याशी मुन्ना सिंह को मिली, उन्होंने बिना समय गंवाए इस पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत अपने निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान को इस समस्या के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी औरसंबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से शीघ्र संपर्क स्थापित करने का स्पष्ट निर्देश दिया।

तत्परता से बहाल हुई बिजली आपूर्ति

मुन्ना सिंह के लगातार प्रयासों और विभागीय पत्राचार का ही परिणाम रहा कि विद्युत विभाग की टीम ने भी तत्परता दिखाई। शुक्रवार के दिन विभाग द्वारा गांव में पच्चीस केवीए क्षमता वाला एक नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराकर उसे सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया। ट्रांसफार्मर के चालू होते ही पूरे गांव में फिर से रोशनी लौट आई।

ग्रामीणों ने जताया दिल से आभार

कई दिनों की भारी परेशानी के बाद बिजली बहाल होने से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने राहत की बड़ी सांस ली। गांववासियों ने पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के प्रति उनका यह संवेदनशील रवैया बेहद सराहनीय है। स्थानीय लोगों ने यह उम्मीद भी जताई है कि भविष्य में भी वे इसी तरह क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनके समाधान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

इस राहत भरे मौके पर गांव के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से गोपाल गंझु, संतोष गंझु, तिलेश्वर महतो, बासुदेव महतो, प्रेम महतो और अलोक कुमार महतो शामिल रहे।

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