जंतर-मंतर पर गरजे टाइगर जयराम महतो: 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में पहुंचे JLKM अध्यक्ष!
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर चल रहा छात्रों का अनशन अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों छात्रों के साथ पिछले 20 दिनों से विख्यात वैज्ञानिक सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
इस ऐतिहासिक आंदोलन को झारखंड से सीधा और मजबूत समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक और आंदोलनकारी छात्रों के सुर में सुर मिलाने JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो अपने सहयोगियों के साथ जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। उन्होंने सीधे मंच से केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।क बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों छात्रों के साथ पिछले 20 दिनों से विख्यात वैज्ञानिक सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
इस ऐतिहासिक आंदोलन को झारखंड से सीधा और मजबूत समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक और आंदोलनकारी छात्रों के सुर में सुर मिलाने JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो अपने सहयोगियों के साथ जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। उन्होंने सीधे मंच से केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
"भाषणों से नहीं, विज़न से नंबर वन बनेगा देश" – जयराम महतो की हुंकार
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में बोलते हुए झारखंडी मूल के छात्र नेता और डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने देश के प्रधानमंत्री से सीधे नीतिगत सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आज समय आ गया है जब देश के प्रधानमंत्री को यह तय करना होगा कि वे पूरे हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री हैं या सिर्फ अपनी राजनीतिक पार्टी के।
मंच से गरजते हुए उन्होंने कहा:
"अगर आप इस देश के प्रधानमंत्री हैं, तो प्रोटेस्ट करने वाले छात्रों का बैकग्राउंड क्या है, वे किस पार्टी से हैं, यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि वे जिस मुद्दे को लेकर आए हैं, वो सही है या नहीं। आज देश में एक या दो बार नहीं, बल्कि अलग-अलग स्तरों पर 90 बार पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। कई युवाओं ने इस व्यवस्था से हताश होकर सुसाइड किया है। यह इस देश के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है।"
जंतर-मंतर पर चल रहे इस ऐतिहासिक छात्र आंदोलन, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और टाइगर जयराम महतो की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट देखने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें!सटीक, निष्पक्ष और जनहित की बुलंद आवाज के लिए हमारे चैनल News Prahari को अभी Subscribe करें और बेल आइकॉन दबाएं!
शहीद भगत सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का दिया हवाला
जयराम कुमार महतो ने अपने संबोधन में देश के महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि आज से लगभग 95 साल पहले उन्होंने जो चिंता जताई थी, वह आज सच साबित हो रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लाल किले के भाषण को याद करते हुए कहा कि कोलकाता के फुटपाथों पर नंगे बदन सोने वाले लोगों से पूछो कि वे 15 अगस्त के बारे में क्या सोचते हैं। आज देश के हालात और सीबीआई और ईडी जैसी संस्थाओं की स्वायत्तता पर देश को आत्ममंथन करने की जरूरत है।