हजारीबाग के आदिम जनजाति बहुल गांवों में जागरूकता सह लाभ वितरण शिविर आयोजित: PVTG समुदाय के विकास के लिए जिला प्रशासन की बड़ी पहल; 12 से 18 अगस्त तक चलाया जा रहा विशेष अभियान
राँची/हजारीबाग। आदिम जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र सामाजिक व आर्थिक विकास तथा उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा हजारीबाग के विभिन्न प्रखंडों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन, हजारीबाग द्वारा जारी आदेश के आलोक में 12 से 18 अगस्त 2026 तक आदिम जनजाति बहुल टोलों और गांवों में जागरूकता सह लाभ वितरण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
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| Hazaribagh administration conducting PVTG community welfare and awareness camp |
एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम सरकारी योजनाएं व सेवाएं
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 538/17.08.2026) के अनुसार, आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों ने हिस्सा लेकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और ऑन-द-स्पॉट आवेदन निष्पादन की प्रक्रिया पूरी की:
- स्वास्थ्य व आयुष्मान सेवाएं: स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों की सामान्य जांच, सिकल सेल परीक्षण तथा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य किया गया।
- शिक्षा व महिला बाल विकास: शिक्षा विभाग द्वारा नए स्कूल नामांकन अभियान व किट वितरण किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी नामांकन, पोषण किट, पीएम मातृ वंदना योजना (PMMVY) तथा सक्षम आंगनबाड़ी की जानकारी दी गई।
- कृषि, आपूर्ति व पेयजल व्यवस्था: कृषि विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम किसान सम्मान निधि व फसल बीमा, आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड व NFSA जागरूकता तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा नल-जल योजना के नए कनेक्शन स्वीकृत किए गए।
- अन्य प्रमुख सेवाएं: जाति व आवासीय प्रमाण पत्र, मनरेगा, पेंशन योजना, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम जनधन, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा योजना, बैंकिग सुविधाएं व UIDAI (आधार सेवा) से जुड़ी जानकारी एवं सेवाएं प्रदान की गईं।
त्वरित निष्पादन का निर्देश और प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने शिविर में आए सभी आवेदनों और पात्र लाभुकों के कागजातों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रशासन ने आदिम जनजाति समुदाय से इन शिविरों में बढ़कर हिस्सा लेने और अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने की अपील की है।
