-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Showing posts with label Hazaribagh Sansad. Show all posts
Showing posts with label Hazaribagh Sansad. Show all posts

Hazaribagh MP Manish Jaiswal meets Nitin Gadkari for Highway Projects

 

हजारीबाग की सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार: सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात, कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

हजारीबाग/नई दिल्ली: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में सड़क अवसंरचना और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार मुलाकात की।

Hazaribagh News: सांसद Manish Jaiswal ने Nitin Gadkari से की मुलाकात, हजारीबाग रिंग रोड और फ्लाईओवर पर मिला आश्वासन!

​इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी लंबित परियोजनाओं, सड़क सुरक्षा, ब्लैक स्पॉट्स के स्थायी समाधान और नए फोरलेन व रिंग रोड प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई।

​घाटो मोड़ फ्लाईओवर और सड़क सुरक्षा पर कड़े कदम

​बैठक के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने क्षेत्र की प्रमुख सड़क समस्याओं को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा:

  • ब्लैक स्पॉट्स का स्थायी समाधान: एनएच-33 पर चुटुपालु घाटी, चौपारण–बाराचट्टी मार्ग के दनुवा-बनुवा तथा चरही घाटी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के ब्लैक स्पॉट्स का मुद्दा उठाया गया। नितिन गडकरी ने बताया कि फिलहाल वहां अस्थायी सुरक्षा कार्य जारी हैं और जल्द ही स्थायी समाधान की स्वीकृति के साथ टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
  • चरही घाटो मोड़ पर फ्लाईओवर: लंबे समय से लंबित चरही के घाटो मोड़ पर फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विभाग को तत्काल डीपीआर (DPR) तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया।
  • राज्य राजमार्ग-7 को NH का दर्जा देने की मांग: कारगिल पेट्रोल पंप (हजारीबाग) से बड़कागांव, केरेडारी, टंडवा, पिपरवार होते हुए बिजूपाड़ा तक जाने वाले स्टेट हाइवे-7 को राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) का दर्जा देने का आग्रह किया गया, ताकि कोयला व औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

​हजारीबाग रिंग रोड और सलगा-चतरा परियोजना पर चर्चा

​शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रस्तावित 26 किलोमीटर लंबी हजारीबाग रिंग रोड परियोजना (एनएच-522 को सिलवार से कटकमसांडी रोड पार कर सलगा से जोड़ने का प्रस्ताव) पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला वर्तमान में राज्य सरकार के स्तर पर लंबित है। राज्य से हरी झंडी मिलते ही केंद्र सरकार इस पर त्वरित कार्रवाई करेगी।

​इसके अतिरिक्त एनएच-522 पर सलगा से चतरा तक प्रस्तावित सड़क परियोजना की भी समीक्षा की गई, जिस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को अविलंब डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया।

​"सुरक्षित आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी सर्वोच्च प्राथमिकता": मनीष जायसवाल

​बैठक के उपरांत सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के प्रत्येक कोने को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ना और दुर्घटनाओं पर रोक लगाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होगा।

और पढ़ें: Hazaribagh:बालेदवरी विस्थापन: सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर एनटीपीसी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई सार्थक वार्ता, 'न्यू बालेदवरी' बसाने पर जोर

हाथी-मानव संघर्ष: हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा में उठाई आवाज़, मुआवजे और सुरक्षा पर नए कानून की मांग

हाथी-मानव संघर्ष: हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा में उठाई आवाज़, मुआवजे और सुरक्षा पर नए कानून की मांग

नई दिल्ली: लोकसभा में 'लोक महत्व के जरूरी मुद्दे' के दौरान हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने देश में बढ़ते हाथी-मानव संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे केवल वन्यजीवों का मुद्दा न मानकर एक गंभीर 'राष्ट्रीय संकट' करार दिया। जायसवाल ने सदन के माध्यम से सरकार से आग्रह किया कि हाथियों के हमलों से होने वाली जान-माल की हानि को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और वर्तमान मुआवजा नीति में आमूलचूल बदलाव किया जाए।

लोकसभा में भाषण देते हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल (हाथी-मानव संघर्ष मुद्दा)

हाथियों का आतंक: जनवरी में ही 20 से अधिक मौतें

सांसद जायसवाल ने झारखंड के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अकेले जनवरी माह में हाथियों के साथ संघर्ष में 20 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि अब हाथी केवल जंगलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि रांची जैसे शहरों में एयरपोर्ट के पास भी बेखौफ घूमते देखे जा रहे हैं।

क्यों बढ़ रहा है संघर्ष? सांसद ने बताए मुख्य कारण

सदन को संबोधित करते हुए मनीष जायसवाल ने इस संकट के पीछे के मुख्य कारणों पर भी प्रकाश डाला

सिकुड़ते वन क्षेत्र: जंगलों के लगातार कटने से हाथियों के प्राकृतिक आवास कम हो रहे हैं।

अवैध माइनिंग: जंगलों में चल रही अवैध माइनिंग और भारी ट्रकों की आवाजाही से हाथियों की मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

भोजन और पानी की कमी: प्राकृतिक संसाधनों के समाप्त होने से हाथी भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।

सांसद की प्रमुख मांगें और सुझाव

सांसद ने केंद्र सरकार से इस दिशा में एक स्थायी समाधान निकालने की अपील की है

नया कानून और सुरक्षित कॉरिडोर: हाथियों के आवागमन के लिए प्राकृतिक कॉरिडोर को सुरक्षित किया जाए।

अर्ली वार्निंग सिस्टम: हाथियों की मौजूदगी की जानकारी पहले से देने के लिए आधुनिक तकनीक (Early Warning System) स्थापित हो।

उम्र आधारित मुआवजा (Age-based Insurance): वर्तमान में मिलने वाली 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को उन्होंने अपर्याप्त बताया। उन्होंने मांग की कि मुआवजा पीड़ित की उम्र और उसकी भविष्य की कमाई की क्षमता के आधार पर (Insurace model) तय किया जाना चाहिए।

Naresh Soni Editor in Chief.( www.newsprahari.in)***

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972