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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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PM Modi on Jantar Mantar Controversy: "बच्चों से गलतियां होती हैं, सजा नहीं, सही मार्गदर्शन और क्षमा की ज़रूरत"

 

जंतर-मंतर बयानबाज़ी पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश: "बच्चों से गलतियां होती हैं, सजा नहीं, सही मार्गदर्शन और क्षमा की ज़रूरत"

नई दिल्ली (डेस्क): हाल ही में देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रमों और प्रदर्शन के दौरान युवाओं द्वारा इस्तेमाल की गई तीखी व अभद्र बयानबाज़ी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक अत्यंत संवेदनशील और विचारणीय वक्तव्य सामने आया है। प्रधानमंत्री ने विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं के आचरण पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कठोर दंडात्मक कार्रवाई के बजाय भारतीय संस्कृति के पारंपरिक मूल्यों—"क्षमा, सुधार और समावेश"—पर विशेष बल दिया है।

PM Narendra Modi addressing the nation regarding youth conduct and forgiveness after Jantar Mantar event

​संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए स्पष्ट किया कि भटक रहे युवाओं को अदालती प्रक्रियाओं और सजा में उलझाने के बजाय समाज को बड़प्पन दिखाकर उन्हें सही राह दिखाने का प्रयास करना चाहिए।

संबोधन और घटनाक्रम का मुख्य विवरण:

  1. सांस्कृतिक मर्यादा और जन-आक्रोश पर चिंता:
    • ​प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, किंतु सार्वजनिक मंचों से भाषा की मर्यादा तोड़ना किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता।
    • ​उन्होंने भावुक होकर उल्लेख किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी स्वर्गीय माताजी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। पीएम ने कहा कि समाज में इस घटना से जो सांस्कृतिक आघात (Cultural Shock) और जन-आक्रोश फैला है, वे उसकी गंभीरता को भली-भांति समझते हैं।
  2. दंडात्मक कार्रवाई के स्थान पर सुधार का दृष्टिकोण:
    • कानूनी सजा समाधान नहीं: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि युवाओं पर एफआईआर दर्ज कराना, जेल भेजना या अदालतों के चक्कर कटवाना समस्या का स्थाई हल नहीं है। इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है।
    • क्षमा-भाव की अपील: उन्होंने देशवासियों से अपील की कि आवेश या बहकावे में आकर गलतियां करने वाले युवाओं को माफ कर उन्हें मुख्यधारा में लौटने का मौका दिया जाए।
  3. "दांत और जीभ" का व्यावहारिक जीवन दर्शन:
    • ​प्रधानमंत्री ने दैनिक जीवन का उदाहरण देते हुए समझाया कि कभी-कभी असावधानी में अपने ही दांतों से जीभ कट जाती है और खून निकल आता है, लेकिन हम गुस्से में अपने दांत नहीं तोड़ते।
    • ​उसी प्रकार, ये राह भटके हुए युवा भी हमारे अपने ही समाज का हिस्सा हैं। समाज की जिम्मेदारी 'दांत तोड़ने' जैसी कठोरता दिखाने की नहीं, बल्कि घाव भरकर सही राह दिखाने की है।
  4. राष्ट्र निर्माण का आह्वान:
    • ​उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को विवादों में नष्ट करने के बजाय करियर और देश के विकास में लगाने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और भारत की प्रगति के लिए पूरी तरह समर्पित है।

राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषण

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर-मंतर विवाद के बाद बने तनावपूर्ण माहौल में प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल एक बयान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता बनाए रखने का प्रयास है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और समाज दोनों के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है कि कटुता और विवादों को बढ़ाने के स्थान पर युवाओं को सकारात्मक दिशा में मोड़ने की नीति ही दीर्घकालिक हित में है।

Source & Disclaimer Note: यह रिपोर्ट आधिकारिक वक्तव्यों, जन-संबोधन और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध प्रामाणिक समाचार इनपुट पर आधारित एक स्वतंत्र पत्रकारिता विश्लेषण (Original Editorial Analysis) है। यह पोस्ट पूरी तरह से कॉपीराइट-मुक्त और 'न्यूज़ प्रहरी' के संपादकीय मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।

और पढ़ें: PM Modi Statement on Paper Leak: Strict Law and Fast Track Courts Proposed


CISF स्थापना दिवस गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को दी बधाई, कहा- 'यह बल सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है'

CISF स्थापना दिवस गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को दी बधाई, कहा- 'यह बल सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है'

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी कर्मियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा और संकट के समय CISF के जवानों के अडिग समर्पण और पेशेवर प्रतिबद्धता की जमकर सराहना की।

गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को दी बधाई, कहा- यह बल सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है

सच्ची देशभक्ति और पेशेवर प्रतिबद्धता की मिसाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए जवानों का हौसला बढ़ाते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, "CISF के स्थापना दिवस पर सभी कर्मियों को शुभकामनाएं। चाहे देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना हो या संकट के समय राष्ट्र की रक्षा करना, उनकी समर्पण भावना सच्ची देशभक्ति और पेशेवर प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाती है।"

शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

इस खास अवसर पर गृह मंत्री ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भी याद किया। उन्होंने कहा, "देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले उन सभी शहीदों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।"

देश की सुरक्षा में CISF की अहम भूमिका (अतिरिक्त जानकारी - जो खबर को 'हाई वैल्यू' बनाएगी)

आपको बता दें कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) भारत के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है। इसकी स्थापना 1969 में हुई थी। वर्तमान में यह बल देश के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है।

प्रमुख सुरक्षा जिम्मेदारियां: देशभर के प्रमुख हवाई अड्डे (Airports), दिल्ली मेट्रो, बंदरगाह, परमाणु संस्थान, अंतरिक्ष प्रतिष्ठान और ऐतिहासिक स्मारक (जैसे ताजमहल) CISF की ही कड़ी सुरक्षा के साये में रहते हैं।

आपदा प्रबंधन: केवल औद्योगिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि किसी भी राष्ट्रीय आपदा या संकट के समय भी CISF के जवान राहत और बचाव कार्य में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।

आज के समय में CISF न केवल भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले उद्योगों की सुरक्षा कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान कर रहा है।

AAP सांसद संजय सिंह का पीएम मोदी पर तीखा हमला: 'ईरान से रिश्ते बिगाड़ने के कारण देश में बढ़ी महंगाई, विदेशी दबाव में काम कर रही सरकार'

AAP सांसद संजय सिंह का पीएम मोदी पर तीखा हमला! ईरान से रिश्ते बिगाड़ने के कारण देश में बढ़ी महंगाई, विदेशी दबाव में काम कर रही सरकार

विशेष संवाददाता: नरेश सोनी 

नई दिल्ली/डेस्क: आम आदमी पार्टी AAP के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक वीडियो बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। संजय सिंह ने देश में बढ़ती महंगाई, विशेषकर घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुए हालिया इजाफे का सीधा कारण पीएम मोदी की कूटनीतिक विफलताओं को बताया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह।

अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा किए गए इस वीडियो में संजय सिंह ने इजरायल-ईरान विवाद, अमेरिका के साथ भारत के कूटनीतिक संबंधों और अडाणी समूह को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

महंगाई और गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम

संजय सिंह ने आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹120 की जो वृद्धि हुई है, वह प्रधानमंत्री मोदी की गलत नीतियों का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महंगाई का सीधा फायदा प्रधानमंत्री के करीबी उद्योगपतियों को मिल रहा है। उन्होंने 'अडानी टोटल गैस लिमिटेड' ATGL का जिक्र करते हुए दावा किया कि अडानी समूह ने गैस के दाम तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं।

ईरान से बिगाड़े रिश्ते, जिसका खामियाजा भुगत रहा देश

सांसद संजय सिंह ने वैश्विक कूटनीति का हवाला देते हुए कहा कि भारत का 60% कच्चा तेल और 50% गैस हर्मुज जलडमरूमध्य Strait of Hormuz समुद्री मार्ग से आता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा ईरान के नियंत्रण में है।

उनका कहना है कि ईरान हमेशा से भारत का एक पारंपरिक मित्र रहा है, जिसने 1994 में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज OIC में कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ दिया था और हमें सस्ते दाम पर तेल उपलब्ध कराया था। लेकिन पीएम मोदी ने इजरायल और अमेरिका के पक्ष में खड़े होकर इस पुरानी दोस्ती को दांव पर लगा दिया है, जिससे देश में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है।

विदेशी कूटनीति और इजरायल-अमेरिका पर सरेंडर का आरोप

AAP नेता ने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिका और इजरायल के आगे घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर सवाल उठाए

इजरायल का समर्थन: संजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने इजरायल को फादरलैंड माना और वहां युद्ध से ठीक पहले जाकर फर्जी मेडल पहने। उनका आरोप है कि इजरायल द्वारा बच्चों की मौत और ईरानी नौसेना के जहाज पर हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पीएम मोदी ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।

अमेरिकी दबाव: उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही है। रूस से तेल खरीदने के लिए भी भारत को अमेरिका से केवल एक महीने की परमिशन लेनी पड़ी, जो एक संप्रभु राष्ट्र के लिए अपमानजनक है।

एपस्टीन फाइल और ब्लैकमेलिंग के गंभीर दावे

वीडियो में संजय सिंह ने एक बेहद गंभीर दावा करते हुए कहा कि विदेशी ताकतें भारत सरकार को ब्लैकमेल कर रही हैं। उन्होंने चर्चित अंतरराष्ट्रीय Epstein Files का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस सूची में कई प्रभावशाली लोगों के नाम हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी शामिल हैं। उनका दावा है कि इसी दबाव के कारण अमेरिका, भारत पर कूटनीतिक धौंस जमा रहा है।

धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठाया

संजय सिंह ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे के एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने मोबाइल पर एक तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि नेतन्याहू के बेटे ने हिंदू देवी मां दुर्गा की एक बेहद आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की थी, इसके बावजूद भारत सरकार और उनके समर्थक इजरायल का महिमामंडन कर रहे हैं।

पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग

अपने बयान के अंत में संजय सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार ने 190 साल की गुलामी और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से मिली आजादी को विदेशी ताकतों के आगे गिरवी रख दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब भारत के स्वाभिमान, संप्रभुता और गौरव की रक्षा करने में विफल रहे हैं, इसलिए उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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