शिक्षा के गिरते स्तर पर उपायुक्त की भृकुटी तनी, हजारीबाग को शैक्षणिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने हेतु अधिकारियों को अल्टीमेटम
हजारीबाग समाहरणालय सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह का कड़ा और सख्त तेवर देखने को मिला। जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को नई ऊर्जा देने और व्यवस्थागत खामियों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से आहूत इस बैठक में उपायुक्त ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों और शिक्षा विभाग के तंत्र को निर्देशित किया कि सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर ऐसा हो कि हजारीबाग पूरे राज्य के लिए एक प्रतिमान स्थापित कर सके। केवल कागजी घोड़े दौड़ाने के बजाय धरातल पर सुधार लाने के लिए उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया, पाठ्य-पुस्तक वितरण और मध्याह्न भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की बारीकी से पड़ताल की गई। उपायुक्त ने शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक अपडेट और जय गुरुजी ऐप की नियमित निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निपुण भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण प्रकल्पों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में पेयजल की उपलब्धता, जर्जर कमरों की मरम्मत और पीएम स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण की आवृत्ति बढ़ाने का निर्देश दिया ताकि समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने पीवीटीजी क्षेत्रों के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य निगरानी रखने तथा आईएफए टैबलेट का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा। डीएमएफटी मद से होने वाले आधारभूत कार्यों में समन्वय की कमी पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विकास कार्यों में गति लाने की बात कही। बैठक में उपविकास आयुक्त रिया सिंह समेत जिले के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें उपायुक्त ने सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का संकल्प दिलाया। प्रशासन के इस रुख से स्पष्ट है कि अब जिले की शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की पटकथा लिखी जा चुकी है।


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