फरार अभियुक्त तस्लीम के घर ढोल-नगाड़ों की गूँज, हजारीबाग पुलिस ने कुर्की से पूर्व चस्पा किया अंतिम कानूनी नोटिस
हजारीबाग जनपद में कानून की मर्यादा को चुनौती देकर पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहे अपराधियों के विरुद्ध प्रशासन का शिकंजा अब बेहद कसता जा रहा है। इसी क्रम में दारू थाना प्नेरभारी इक़बाल हुसैन के नेतृत्व में
न्याय के कटघरे से निरंतर पलायन कर रहे एक वारंटी के विरुद्ध अत्यंत आक्रामक और कड़ा रुख अख्तियार किया है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सीलाडीह गाँव पहुँचकर पुराने आपराधिक मामले के अभियुक्त मोहम्मद तस्लीम के विरुद्ध विधिवत 'इश्तिहार' तामिला की प्रक्रिया पूर्ण की। यह कार्रवाई केवल एक कागजी औपचारिकता मात्र नहीं थी, बल्कि पुलिस ने ढोल-नगाड़ों की थाप और मुनादी के साथ पूरे क्षेत्र को यह संदेश दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।
न्याय के कटघरे से निरंतर पलायन कर रहे एक वारंटी के विरुद्ध अत्यंत आक्रामक और कड़ा रुख अख्तियार किया है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल ने सीलाडीह गाँव पहुँचकर पुराने आपराधिक मामले के अभियुक्त मोहम्मद तस्लीम के विरुद्ध विधिवत 'इश्तिहार' तामिला की प्रक्रिया पूर्ण की। यह कार्रवाई केवल एक कागजी औपचारिकता मात्र नहीं थी, बल्कि पुलिस ने ढोल-नगाड़ों की थाप और मुनादी के साथ पूरे क्षेत्र को यह संदेश दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।
न्यायालय द्वारा निर्गत आदेशों के अनुपालन में पुलिस की टीम ने पारदर्शिता बरतते हुए अभियुक्त के पैतृक आवास, गाँव के सार्वजनिक चौक और व्यवहार न्यायालय हजारीबाग के मुख्य द्वार जैसे प्रमुख स्थलों पर नोटिस चस्पा किए। वर्षों पुराने केस नंबर C-1146/20 में संलिप्त वली मियां का पुत्र तस्लीम लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर फरार चल रहा था। पुलिस ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि यदि एक माह की निर्धारित अवधि के भीतर अभियुक्त ने आत्मसमर्पण नहीं किया, तो धारा 83 के तहत उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया जाएगा। गवाहों की उपस्थिति में हुई इस सख्त घेराबंदी ने न केवल संबंधित अभियुक्त के परिजनों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि क्षेत्र के अन्य फरार अपराधियों के भीतर भी भय का संचार कर दिया है। पुलिस का यह तेवर स्पष्ट करता है कि अब समर्पण ही एकमात्र विकल्प शेष है, अन्यथा अपराधी को अपनी संपत्ति से भी हाथ धोना पड़ेगा।

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