महाराष्ट्र बना विदेशी सैलानियों की पहली पसंद, तीन वर्षों में दोगुना हुआ पर्यटन का ग्राफ
महाराष्ट्र: सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों का जादू सात समंदर पार विदेशी पर्यटकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो राज्य में विदेशी पर्यटकों के आगमन की गति में अभूतपूर्व उछाल देखा गया है। वर्ष 2022 में जहाँ यह संख्या लगभग डेढ़ मिलियन के करीब थी, वहीं वर्ष 2023 में इसमें भारी वृद्धि हुई और यह साढ़े तीन मिलियन के आंकड़े को पार कर गई। विकास का यह क्रम निरंतर जारी रहा और वर्ष 2024 में पर्यटकों की संख्या बढ़कर तीन दशमलव सात मिलियन से भी अधिक दर्ज की गई, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
इस सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों को जाता है, जिसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न यात्रा प्रदर्शनियों और रोड शो के माध्यम से भारत की समृद्ध विविधता का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया गया है। पर्यटन मंत्रालय ने न केवल विदेशी संचालकों और मीडिया जगत के लिए परिचयात्मक यात्राओं का सफल आयोजन किया, बल्कि 'स्वदेश दर्शन' और 'प्रशाद' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढाँचे और आध्यात्मिक स्थलों के संवर्धन पर भी विशेष बल दिया है। इन सुनियोजित नीतियों का ही परिणाम है कि आज भारत आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी लगभग अठारह प्रतिशत तक पहुँच गई है, जिससे यह देश का सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन गंतव्य बनकर उभरा है। भविष्य में पर्यटन की इस गरिमा को और अधिक विस्तार देने के लिए केंद्र सरकार नियमित परामर्श बैठकों के माध्यम से अवसंरचना विकास और नवाचारों को प्रोत्साहित कर रही है।

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