इचाक में उमड़ेगा जनसैलाब, यूजीसी एक्ट के समर्थन में ऐतिहासिक महाकुंभ आज
इचाक। सामाजिक न्याय और शैक्षिक समरसता की दिशा में एक निर्णायक कदम बढ़ाते हुए आगामी रविवार, 8 फरवरी को इचाक की धरा एक अभूतपूर्व जन-आंदोलन की साक्षी बनने जा रही है। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली यह विशाल रैली देश में 'समान शिक्षा प्रणाली' की अवधारणा को पुख्ता करने वाले यूजीसी एक्ट के प्रति अपना पुरजोर समर्थन दर्ज कराएगी। इस महाअभियान का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित उस समानता के अधिकार को धरातल पर उतारना है, जिसे वर्तमान में किन्हीं कारणों से अवरुद्ध कर दिया गया है।
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस प्रदर्शन में लगभग 5,000 मोटरसाइकिल सवारों सहित बीस हजार से अधिक प्रबुद्ध जनों, युवाओं और मातृशक्ति के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों का स्पष्ट मत है कि यह एक्ट मात्र एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि वंचित और शोषित वर्गों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। दिल्ली की सत्ता के गलियारों तक अपनी गूँज पहुँचाने के लिए इचाक के मंगुरा मैदान से यह विशाल जनसमूह सुबह 11 बजे प्रस्थान करेगा।
रैली का मार्ग मंगुरा मैदान से प्रारंभ होकर इचाकमोड की ओर बढ़ेगा, जहाँ से गगनभेदी नारों के साथ समर्थकों का कारवां हदारी मैदान पहुँचेगा। यहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन होगा, जिसमें वक्तागण शिक्षा के लोकतंत्रीकरण और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर अपनी हुंकार भरेंगे। आयोजकों ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी दैनिक चर्या और कामकाज को विराम देकर, अपने पास उपलब्ध ट्रैक्टर, टेम्पू, चार पहिया वाहन और दो पहिया वाहनों के साथ इस साझा लड़ाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। यह आयोजन महज एक रैली नहीं, बल्कि हक और अधिकार के लिए छिड़ा एक वैचारिक युद्ध है, जो शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त भेदभाव की बेड़ियों को तोड़ने का संकल्प दोहराएगा।

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