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Editor: Naresh Prasad Soni
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भक्ति, शक्ति और संस्कृति का महाकुंभ: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी शोभायात्रा ने रचा नया कीर्तिमान

हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में निकली भव्य रामनवमी शोभायात्रा। उज्जैन की झांकियां और नारी शक्ति के संगम की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
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भक्ति, शक्ति और संस्कृति का महाकुंभ: हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी शोभायात्रा ने रचा नया कीर्तिमान
 हजारीबाग की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में लहराता भगवा ध्वज।

हजारीबाग/झारखंड: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले हजारीबाग में इस वर्ष रामनवमी का उल्लास अपने चरम पर रहा। आस्था, विरासत और सामुदायिक एकता का ऐसा अद्भुत संगम पहले कभी नहीं देखा गया। शहर की सड़कों पर जब हजारीबाग के लोकप्रिय विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में विशाल शोभायात्रा निकली, तो पूरा आकाश जय श्रीराम और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि हजारीबाग की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतिबिंब था, जो दशकों से इस मिट्टी की पहचान रही है।

बुढ़वा महादेव से शुरू हुआ भक्ति का कारवां

शोभायात्रा का शुभारंभ शहर के प्राचीन और प्रतिष्ठित बुढ़वा महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। विधायक प्रदीप प्रसाद ने माथा टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की, जिसके बाद भगवा ध्वजों के साये में यह कारवां आगे बढ़ा।

जैसे-जैसे यात्रा शहर के मुख्य मार्गों—इंद्रपुरी चौक, झंडा चौक और मालवीय मार्ग—से गुजरी, सड़कों के दोनों ओर जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा था कि घंटों तक लोग छतों और गैलरियों में खड़े होकर पुष्प वर्षा करते रहे।

उज्जैन और बनारस की कला का जीवंत प्रदर्शन

इस वर्ष की शोभायात्रा को जो बात सबसे खास और विशिष्ट बनाती है, वह थी इसमें शामिल झांकियां। विधायक प्रदीप प्रसाद के विशेष प्रयास से उज्जैन और बनारस के प्रख्यात कलाकारों को आमंत्रित किया गया था।

सजीव चित्रण: भगवान हनुमान का विराट स्वरूप, शिव-पार्वती की अलौकिक झांकी और राधा-कृष्ण के प्रेम को दर्शाते जीवंत दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: उज्जैन के कलाकारों द्वारा डमरू वादन और बनारस की तर्ज पर की गई आरती ने हजारीबाग में लघु भारत का दृश्य उपस्थित कर दिया।

पारंपरिक शस्त्र कला: झारखंड की पारंपरिक मिट्टी से जुड़े युवाओं और बुजुर्गों ने लाठी और तलवारबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे देख लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए।

नारी शक्ति और युवाओं का अभूतपूर्व समन्वय

इस बार की शोभायात्रा ने नारी सशक्तिकरण की एक नई परिभाषा गढ़ी। आमतौर पर पुरुषों के वर्चस्व वाले इन आयोजनों में इस बार महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा।

केसरिया वाहिनी: सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक परिधानों में हाथों में ध्वज लेकर राम धुन पर थिरकती नजर आईं।

बुलेट और स्कूटी दस्ता: बालिकाओं के एक बड़े समूह ने बुलेट और स्कूटी पर सवार होकर यात्रा का नेतृत्व किया, जो समाज को यह संदेश दे रहा था कि हमारी बेटियां संस्कृति और साहस दोनों में अग्रणी हैं।

युवा जोश: हजारीबाग के हजारों युवाओं ने अनुशासित रहकर न केवल जयघोष किया, बल्कि व्यवस्था बनाए रखने में भी स्वयंसेवकों की भूमिका निभाई।

दिग्गज नेतृत्व और जन-सहभागिता

शोभायात्रा में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई दिग्गज राजनीतिक और सामाजिक चेहरे एक साथ नजर आए। यह दृश्य हजारीबाग की वैचारिक एकता को दर्शा रहा था।

विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ मुख्य रूप से पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय, पूर्व सांसद जयंत सिन्हा, अशोक यादव, अमरदीप यादव, भैया अभिमन्यू, कुंवर मनोज सिंह, आनंद देव, सुदेश चंद्रवंशी, दिनेश सिंह राठौर और राकेश गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने मार्ग में पड़ने वाले हर छोटे-बड़े मंदिर में मत्था टेका और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा, यह आयोजन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि हर उस रामभक्त का है जिसके हृदय में मर्यादा पुरुषोत्तम बसते हैं।

प्रशासन की मुस्तैदी और शांतिपूर्ण संपन्नता

इतने विशाल जनसमूह को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की सक्रियता के कारण पूरी यात्रा बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुई।

ड्रोन निगरानी: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही थी।

स्वयंसेवक दल: विधायक की टीम और स्थानीय पूजा समितियों के हजारों स्वयंसेवकों ने पेयजल और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

सांप्रदायिक सौहार्द: यात्रा के दौरान शहर के विभिन्न समुदायों ने भी अनेक स्थानों पर स्वागत कर हजारीबाग की गंगा-जमुनी तहजीब को कायम रखा।

निष्कर्ष: रामराज्य की ओर बढ़ते कदम

समापन के अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने सभी का आभार जताते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और सेवा का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामराज्य की परिकल्पना तभी पूर्ण होगी जब हम भेदभाव मिटाकर एक सशक्त और शिक्षित समाज का निर्माण करेंगे।

यह ऐतिहासिक शोभायात्रा आने वाले कई वर्षों तक हजारीबाग की यादों में जीवंत रहेगी। इसने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि पर्यटन और स्थानीय कला को भी एक बड़ा मंच प्रदान किया।

न्यूज़ प्रहरी: नरेश सोनी प्रधान सम्पादक भारत

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