हजारीबाग बंद !! विष्णुगढ़ की मासूम बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरे सांसद-विधायक, थम गई शहर की रफ्तार
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली विष्णुगढ़ की घटना के खिलाफ आक्रोश की लहर दौड़ गई है। 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी और उसकी निर्मम हत्या के विरोध में आज पूरा हजारीबाग जिला स्वतः स्फूर्त बंद रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आह्वान पर बुलाए गए इस बंद का असर जिले के चप्पे-चप्पे पर देखने को मिला।
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| Hazaribagh Bandh Vishnugarh Case |
"सड़कों पर उतरे दिग्गज "बेटी को न्याय दो" के नारों से गूंजा शहर
सोमवार सुबह से ही हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज कुमार यादव और भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरे। भाजपा नेताओं ने झंडा चौक, मेन रोड, पैगोडा चौक और इंद्रपुरी जैसे मुख्य इलाकों में घूम-घूम कर व्यापारियों से समर्थन मांगा। सांसद मनीष जायसवाल ने खुद हाथ जोड़कर दुकानदारों से इस न्याय की लड़ाई में भागीदार बनने की अपील की, जिसे देखते हुए व्यापारियों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए।
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| Hazaribagh Bandh Vishnugarh Casedusri photo |
"यह मानवता पर कलंक है, दोषियों को फांसी मिले" - मनीष जायसवाल
घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा, "हमारी बेटी के साथ जो वीभत्स कृत्य हुआ है, वह पूरे समाज और मानवता के लिए कलंक है। सोई हुई सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए हमें एकजुट होना ही होगा। जब तक दोषियों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
हजारीबाग के सभी प्रखंडों में दिखा असर
इस बंद का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा। विष्णुगढ़, बड़कागांव, केरेडारी, डाड़ी, चुरचू, बरही, चौपारण, बरकट्ठा और इचाक जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक बंदी देखी गई। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और आम जनता ने भी स्वतः इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
हजारों कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
बंदी के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल मिश्रा, हरीश श्रीवास्तव, सुदेश चंद्रवंशी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिला मीडिया प्रभारी जय नारायण प्रसाद के अनुसार, इस आंदोलन में समाज के हर वर्ग की भागीदारी यह साबित करती है कि अब लोग चुप बैठने वाले नही
नरेश सोनी प्रधान संपादक (न्योज प्रहरी)


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