चरही एनएच पर दर्दनाक हादसा, टायर बदल रहे ट्रक चालक और उप-चालक की मौत, कार सवार भी घायल
चरही (हजारीबाग): झारखंड के हजारीबाग जिले से एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। चरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर स्थित 'पंद्रह माइल' के समीप एक अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में ट्रक के चालक और उप-चालक (खलासी) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
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| Ghatnasthal photo,, |
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मालवाहक ट्रक में तकनीकी खराबी (ब्रेकडाउन) आने के कारण वह पंद्रह माइल के पास सड़क किनारे खड़ा था। ट्रक का टायर पंचर हो गया था, जिसे बदलने के लिए ट्रक के चालक और उप-चालक नीचे उतरे थे। दोनों कर्मचारी सड़क की सुरक्षा सीमाओं के भीतर अपना काम कर रहे थे।
इसी दौरान, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बलेनो कार ने नियंत्रण खो दिया और सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। इस प्रक्रिया में कार ने टायर बदल रहे चालक और खलासी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
कार सवारों की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में बलेनो कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार तीन लोग भी बुरी तरह घायल हो गए हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर चरही थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और यातायात व्यवस्था
घटना के बाद एनएच पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सुचारू कराया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चरही थाना प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और मृतकों के परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा पर सवाल: अंधेरा या तेज रफ्तार?
राष्ट्रीय राजमार्गों पर अक्सर ब्रेकडाउन वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं चिंता का विषय रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रात या सुबह के धुंधलके में सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास उचित 'रिफ्लेक्टर' या 'इंडिकेटर' न होने से पीछे से आने वाले वाहन चालक धोखा खा जाते हैं। हालांकि, इस मामले में कार की रफ्तार भी एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
निष्कर्ष:
सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना न केवल हमारी जिम्मेदारी है बल्कि जीवन के लिए अनिवार्य भी है। चरही की इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और हाईवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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