बरकट्ठा की बदहाल बुनियादी सुविधाओं पर बरसे बटेश्वर प्रसाद मेहता: उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, इचाक सहित कई गांवों के लिए सड़क और पुल की मांग
"जर्जर सड़कें और प्यासे गांव बर्दाश्त नहीं"— पूर्व प्रत्याशी ने प्रशासन को चेताया; बरियठ श्मशान घाट रोड और जलौंध नदी पर पुलिया निर्माण को प्राथमिकता देने की अपील।
हजारीबाग। बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कड़ा रुख अपनाया है। मेहता ने मंगलवार को हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें इचाक प्रखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है।
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| Bageshwar Mehta |
सड़क और पुल निर्माण पर विशेष जोर
ज्ञापन में क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
बरियठ से श्मशान घाट: जर्जर हो चुकी इस सड़क के अविलंब नवीकरण की मांग।
संपर्क सड़कें: जोगीडीह से फुफंदी चौक, चंदा मोड़ क्षेत्र, दाड़ीघाघर और तुरी गांव में नई पक्की सड़कों का निर्माण।
पुलिया निर्माण: जलौंध नदी पर पुलिया निर्माण ताकि ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो।
सौंदर्यीकरण: तालाबों का सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए गार्डवाल निर्माण।
कोनार डैम से जलापूर्ति की मांग
पेयजल की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कोनार डैम से क्षेत्र में शीघ्र जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है और प्रशासन को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान मेहता के साथ मीडिया प्रभारी सुमंत सोनी और दाड़ीघाघर के पूर्व मुखिया राजेंद्र गंझू भी मौजूद थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का अविलंब समाधान नहीं सुनिश्चित किया गया, तो जनता की आवाज को और भी मजबूती से उठाया जाएगा। बटेश्वर प्रसाद मेहता ने स्पष्ट किया कि जनता के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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