मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख: नशा माफिया और संगठित अपराधियों पर 'स्ट्राइक' के निर्देश; बोले— "झारखंड में कानून का राज सर्वोपरि"
नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने और अफीम की खेती को जड़ से मिटाने का अल्टीमेटम; भू-माफियाओं को संरक्षण देने वालों पर भी होगी कठोर कार्रवाई।
राँची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड में कानून के राज से समझौता करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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| CM Hemant Soren video conferencing. |
नशा माफिया और अफीम की खेती पर 'जीरो टॉलरेंस'
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में फैल रहे नशे के जाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अफीम की खेती को हर हाल में समाप्त किया जाए और इसमें शामिल सिंडिकेट पर नकेल कसी जाए।
भू-माफियाओं और संगठित अपराध पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भू-माफियाओं को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। भूमि संबंधी विवादों और अपराधों पर पुलिस को कठोरतम कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही, राज्य में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला और बाल सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी
सीएम ने लापता बच्चों और महिलाओं के मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
पुलिस-पब्लिक समन्वय और भयमुक्त वातावरण
प्रशासन को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करे। थानों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान हो ताकि राज्य में एक भयमुक्त वातावरण तैयार हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता की समस्याओं के प्रति पुलिस का रवैया मानवीय और मददगार होना चाहिए।

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