हजारीबाग: पौंता गांव के पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे मुन्ना सिंह; सनिया, आदिल और खुशी के परिजनों को बंधाया ढांढस, कहा— "न्याय तक जारी रहेगा संघर्ष"
देर रात गांव पहुंचकर साझा किया दुःख; बोले— "जवान बच्चों का जाना पूरे समाज की अपूरणीय क्षति, दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाकर ही दम लेंगे।"
हजारीबाग। सदर प्रखंड के पौंता गांव में पिछले दिनों हुई दर्दनाक और हृदयविदारक घटना के बाद, पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मंगलवार की देर रात मुन्ना सिंह पौंता गांव पहुंचे और उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने इस घटना में अपने घर के तीन चिरागों—दो बेटियों और एक युवक—को खो दिया है।
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| Munna Singh in pouta village. |
परिजनों का दर्द साझा किया
मुन्ना सिंह ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि जवान बच्चों का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना केवल एक परिवार का दुःख नहीं है, बल्कि इसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे इस कठिन घड़ी में अकेले नहीं हैं और न्याय मिलने तक वह हर मंच पर मजबूती से उनकी आवाज उठाएंगे।
सुल्ताना और फ़िरदौस कॉलोनी में भी शोक संवेदना
बुधवार को मुन्ना सिंह हजारीबाग के फ़िरदौस कॉलोनी स्थित मो. कमाल के आवास पहुंचे, जहाँ उन्होंने उनकी पुत्री स्वर्गीय सनिया प्रवीण के निधन पर शोक जताया। इसके उपरांत वे कटकमदाग प्रखंड के सुल्ताना गांव पहुंचे और मो. समीम के पुत्र स्वर्गीय आदिल हसन के निधन पर उनके परिवार को सांत्वना दी। मुन्ना सिंह ने कहा कि पौंता जंगल में हुई यह घटना अत्यंत दुखद है और दोषियों को सजा दिलाना ही इन दिवंगत आत्माओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
न्याय की लड़ाई का संकल्प
मुन्ना सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि जब तक दोषियों को कानून के कठघरे तक नहीं पहुंचाया जाता, तब तक उनका संघर्ष और समर्थन जारी रहेगा।

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