चतरा DC रवि आनंद का औचक निरीक्षण: बालक-बालिका गृह की व्यवस्था देख भड़के उपायुक्त, बच्चों के भोजन और सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश
पकरिया स्थित शेल्टर होम पहुंचे उपायुक्त; मानसिक दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास और कर्मियों की उपस्थिति पर कड़ा रुख, लापरवाहों पर कार्रवाई के आदेश।
चतरा। उपायुक्त रवि आनंद ने बुधवार को पकरिया स्थित 'मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण योजना' के तहत संचालित बालिका गृह एवं बालक गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने आश्रय गृह की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना।
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| DC Chatra |
बालिका गृह: सुरक्षा और पुनर्वास पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और पंजी (रजिस्टर) के रख-रखाव की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्रीय पंजी में बालिकाओं का फोटो, पता और सभी आवश्यक विवरण हमेशा अद्यतन (Update) रखे जाएं।
पुनर्वास: उपायुक्त ने विशेष रूप से मानसिक दिव्यांग बालिकाओं के परिजनों की पहचान कर उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया।
विकास: उन्होंने बालिकाओं के लिए व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ खेल-कूद सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
बालक गृह: भोजन की गुणवत्ता पर नाराजगी
बालक गृह के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त बच्चों को दिए जा रहे भोजन की स्थिति देख असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में तत्काल सुधार लाने का निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को पौष्टिक आहार देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अनुमंडल कार्यालय सिमरिया में भी गिरी गाज
इसके उपरांत उपायुक्त ने अनुमंडल कार्यालय सिमरिया का भी औचक निरीक्षण किया। यहाँ कर्मियों की उपस्थिति पंजी की जांच के दौरान कई कर्मचारी बिना सूचना के नदारद मिले। इस पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी चतरा जहूर आलम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु रवि और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अरुणा प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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