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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग बनेगा देश का 'मॉडल पर्ल हब': भारत सरकार ने देश के एकमात्र मोती क्लस्टर के रूप में किया चयन, निदेशक ने जांची प्रगति

भारत सरकार द्वारा देश का एकमात्र पर्ल क्लस्टर चिन्हित किया गया है। मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने दौरवा-कुंडवा और तिलैया जलाशय में मोती पालन का निरीक
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हजारीबाग बनेगा देश का 'मॉडल पर्ल हब': भारत सरकार ने देश के एकमात्र मोती क्लस्टर के रूप में किया चयन, निदेशक ने जांची प्रगति

महिलाओं के लिए बनेगा स्पेशल 'फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन' (FPO); तिलैया जलाशय में केज कल्चर के साथ मोती पालन के सफल मॉडल को सराहा।

हजारीबाग। हजारीबाग जिला अब अपनी एक नई वैश्विक पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। भारत सरकार द्वारा देश के एकमात्र 'पर्ल (मोती) क्लस्टर' के रूप में चिन्हित होने के बाद, इसे राष्ट्रीय स्तर पर 'मॉडल पर्ल हब' के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को मत्स्य निदेशालय, रांची के निदेशक अमरेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ जिले में संचालित मोती पालन गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया।

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महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी सुदृढ़

निरीक्षण के दौरान टीम दौरवा–कुंडवा क्षेत्र पहुंची, जहां विकसित पोंड क्लस्टर का अवलोकन किया गया। निदेशक ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को इस व्यवसाय से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि केवल महिलाओं के लिए एक विशेष फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) का गठन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

तिलैया जलाशय में 'केज कल्चर' और मोती का संगम

निरीक्षक दल ने बरही अनुमंडल के बुंडू स्थित तिलैया जलाशय का भी दौरा किया। यहां केज कल्चर के किनारे-किनारे किए जा रहे मोती पालन (Pearl Culture Integration) के मॉडल को विशेषज्ञों ने काफी सराहा। निदेशक ने कहा कि यह मॉडल मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि और विविधता लाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।

प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक पर जोर

उपायुक्त के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन हजारीबाग को राष्ट्रीय पटल पर एक 'मॉडल पर्ल हब' बनाने की योजना पर काम कर रहा है। विभाग द्वारा कृषकों को:

आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण।

तकनीकी सहयोग और क्लस्टर आधारित विकास।

बेहतर मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से हजारीबाग को एक ऐसा मॉडल बनाएगी, जहां से उत्पादित मोती सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। निरीक्षण के दौरान उप मत्स्य निदेशक शम्भू प्रसाद यादव, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी किरण, और प्रगतिशील मत्स्य कृषक राजू निषाद, मो. कासिम सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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