हजारीबाग नगर निगम की बड़ी पहल: सभी 36 वार्डों में 24x7 पानी पहुंचाने के लिए नगर आयुक्त ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
हजारीबाग: हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 36 वार्डों के नागरिकों को निर्बाध और समान रूप से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। शहर के हर घर तक पानी पहुंचाने के संकल्प को लेकर नगर आयुक्त ने नगर विकास एवं आवास विभाग (झारखंड सरकार) के प्रधान सचिव को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजकर प्रशासनिक स्वीकृति और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
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| Kalpanik. |
नगर निगम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 25/22.05.2026/हजारीबाग के अनुसार, शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक व्यापक खाका तैयार किया गया है।
क्यों छूट गए थे कई इलाके? जानिए मुख्य वजह
नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
अमृत 1.0 योजना के तहत हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना का काम जुडको (JUIDCO) और कार्यदायी संस्था मैसर्स एलएंडटी (M/s L&T, Chennai) द्वारा किया जा रहा है।
वर्ष 2018 के रिवाइज्ड बीओक्यू (BOQ) के आधार पर तब के 32 वार्डों में 572 किलोमीटर वितरण पाइपलाइन बिछाने के लिए डीपीआर (DPR) तैयार की गई थी।
लेकिन, वर्ष 2018 में ही नगर निगम क्षेत्र का विस्तार हुआ और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़कर कुल 36 वार्ड बना दिए गए।
इस विस्तार के कारण कई नए विकसित इलाके और गली-मुहल्ले मूल योजना में शामिल होने से वंचित रह गए, जिससे वहां पाइपलाइन का नेटवर्क नहीं बिछ पाया था।
री-सर्वे में खुलासा: 53 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन की जरूरत
स्थानीय नागरिकों और वार्ड पार्षदों से लगातार मिल रहे आवेदनों को देखते हुए वर्ष 2021 में मैसर्स एलएंडटी द्वारा एक पुन: सर्वेक्षण (Re-survey) कराया गया था। इस सर्वे की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि छूटे हुए क्षेत्रों और नए विकसित गली-मुहल्लों को पानी से जोड़ने के लिए कुल 52,889 मीटर (लगभग 53 किलोमीटर) अतिरिक्त पाइपलाइन विस्तार की तत्काल आवश्यकता है।
24x7 जलापूर्ति के लिए होगा 'हाइड्रोलिक परफॉर्मेंस टेस्ट'
नगर निगम का मुख्य लक्ष्य शहरवासियों को बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे पानी सुनिश्चित करना है। इसके लिए जुडको के माध्यम से सभी 36 वार्डों में जल वितरण प्रणाली का हाइड्रोलिक परफॉर्मेंस टेस्ट (Hydraulic Performance Test) कराया जाएगा। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि पाइपलाइन के अंतिम छोर (टेलर एंड) पर बसे घरों तक पानी का सही दबाव (Water Pressure) पहुंच रहा है या नहीं।
नगर आयुक्त ने सरकार से किया आग्रह:
"विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि टेस्ट के दौरान जिन क्षेत्रों में 'लो वॉटर प्रेशर' (कम दबाव) की समस्या पाई जाएगी, वहां जरूरत के अनुसार नए जलमीनार (ESR - Elevated Service Reservoir) का निर्माण कराया जाएगा। नगर आयुक्त ने इन नए जलमीनारों और अतिरिक्त पाइपलाइन विस्तार की प्रशासनिक स्वीकृति देने का आग्रह किया है ताकि शहर के हर नागरिक तक समान रूप से पानी पहुंच सके।"

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