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Editor: Naresh Prasad Soni
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इचाक को नशा मुक्त बनाने की मुहिम: 25 ड्रग्स पेडलर भेजने वाले थाना प्रभारी गौतम कुमार को 'आदर्श युवा संगठन' ने किया सम्मानित

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इचाक को नशा मुक्त बनाने की मुहिम: 25 ड्रग्स पेडलर भेजने वाले थाना प्रभारी गौतम कुमार को 'आदर्श युवा संगठन' ने किया सम्मानित

इचाक / हजारीबाग: क्षेत्र में बढ़ते सफेद नशा (ड्रग्स) के कारोबार पर कड़ा प्रहार करने और युवाओं को बर्बादी से बचाने के लिए इचाक पुलिस की कार्रवाई की चारों तरफ सराहना हो रही है। इसी कड़ी में इचाक थाना परिसर में आदर्श युवा संगठन के बैनर तले एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

Ichak thana prabhari Gotam Kumar.

संगठन के पदाधिकारियों ने ड्रग्स पेडलरों की कमर तोड़ने वाले थाना प्रभारी गौतम कुमार और नंदकिशोर दास को शॉल ओढ़ाकर और डायरी भेंट कर सम्मानित किया।

25 ड्रग्स पेडलर पहुंचे सलाखों के पीछे: गौतम कुमार (केंद्रीय अध्यक्ष)

सम्मान के दौरान आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार ने इचाक पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा:

"थाना प्रभारी गौतम कुमार और उनकी टीम के कार्यकाल में अब तक 25 बड़े ड्रग्स पेडलर गिरफ्तार होकर जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। हाल ही में पांच बड़े तस्करों को जेल भेजना क्षेत्र के लिए राहत की बात है। हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही बचे हुए पेडलर भी जेल में होंगे और हमारा इचाक सफेद नशा से पूरी तरह मुक्त होगा। इस मुहिम में संगठन का हर एक कार्यकर्ता पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।"

"नशा और जुआ पर पैरवी करने वाले नेताओं के नाम हों सार्वजनिक": रूपेश कुमार

संगठन के जिला अध्यक्ष रूपेश कुमार ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग करते हुए कहा:

हमारा इचाक क्षेत्र नशा और जुआ की वजह से बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है।

इन मामलों में पकड़े जाने वाले आरोपियों के लिए यदि कोई नेता या जनप्रतिनिधि पैरवी करता है, तो पुलिस उसकी एक न सुने।

पैरवी करने वाले ऐसे नेताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएं और उन पर भी सख्त कानूनी केस दर्ज किया जाए।

वहीं, स्थानीय नागरिक सुनील वैध ने क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रही अवैध देशी शराब की भठ्ठियों और बिक्री पर भी इसी तरह शिकंजा कसने का पुरजोर आग्रह किया।

"जल्द होगा और बड़े ड्रग्स तस्करों का भंडाफोड़": थाना प्रभारी

सम्मान से गदगद इचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार ने युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों और नशा माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया कि आने वाले कुछ ही दिनों में ड्रग्स के धंधे से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों को बेनकाब कर जेल भेजा जाएगा। नशाखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

इस गरिमामयी सम्मान समारोह के दौरान कमल कुमार दास, मुकेश कुमार दास, जीतू मेहता, सुरेंद्र कुमार सहित संगठन के कई कार्यकर्ता और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।

शीर्षक: सफेद नशे के खिलाफ पुलिसिया हंटर और सामाजिक सजगता की नई उम्मीद

संपादकीय टिप्पणी: किसी भी समाज को खोखला करने में 'सफेद जहर' (ड्रग्स) सबसे खतरनाक भूमिका निभाता है। हजारीबाग का ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाका इचाक पिछले कुछ समय से इस दंश को झेल रहा है। ऐसे में इचाक पुलिस द्वारा रिकॉर्ड समय में 25 ड्रग्स पेडलरों को सलाखों के पीछे भेजना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि  युवाओं के भविष्य को बचाने का एक बड़ा भागीरथी प्रयास है।

थाना प्रभारी गौतम कुमार और उनकी टीम का यह प्रयास सराहनीय है, लेकिन इससे भी बड़ा और साहसी स्टैंड 'आदर्श युवा संगठन' ने लिया है। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलना भारतीय व्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई रही है। संगठन के जिला अध्यक्ष द्वारा यह मांग उठाना कि "नशा और जुआ के आरोपियों की पैरवी करने वाले नेताओं के नाम सार्वजनिक हों", उस राजनीतिक गठजोड़ पर सीधा प्रहार है जो चंद वोटों या पैसों के लिए युवाओं की नस्लों को बर्बाद होने देते हैं। वक्त आ गया है जब जनता और पुलिस मिलकर ऐसे सफेदपोशों को बेनकाब करें। केवल खाकी के डंडे से नशा खत्म नहीं होगा, जब तक कि समाज ऐसे अपराधियों और उनके पैरोकारों का सामाजिक बहिष्कार न कर दे।

पाठकों की राय

क्या आप भी इचाक और हजारीबाग को नशा मुक्त देखना चाहते हैं? न्यूज़ प्रहरी के माध्यम से जनता ने उठाई अपनी आवाज:


नेताओं की पैरवी पर लगे पूरी तरह रोक: स्थानीय युवाओं का साफ कहना है कि जब भी कोई ड्रग पेडलर या जुआरी पकड़ा जाता है, तो स्थानीय छोटे-बड़े नेता पैरवी के लिए थाने पहुंच जाते हैं। जनता की पहली इच्छा यही है कि पुलिस ऐसे किसी भी दबाव के आगे न झुके।

अवैध महुआ और देशी शराब पर भी हो प्रहार: ग्रामीणों का मानना है कि ड्रग्स के साथ-साथ गांवों में पैर पसार रही अवैध देशी शराब की भठ्ठियां भी घरेलू हिंसा और अपराध की जननी हैं। पुलिस को इनपर भी कड़ा हंटर चलाना होगा।

गुप्त सूचना तंत्र हो मजबूत: आम जनता पुलिस का सहयोग करना चाहती है, लेकिन पहचान उजागर होने के डर से पीछे हट जाती है। जनता की मांग है कि पुलिस एक ऐसा हेल्पलाइन नंबर जारी करे जहां लोग बिना डरे ड्रग्स सप्लायर्स की जानकारी सीधे थाना प्रभारी को दे सकें।


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