हजारीबाग में PMAY आवासों की जांच करने पहुँचे केंद्रीय निदेशक वैभव रुंडवाल; कोलघट्टी प्रोजेक्ट का लिया जायजा, अगस्त तक काम पूरा करने का 'अल्टीमेटम'
भारत सरकार के निदेशक ने PMU टीम के साथ किया स्थल निरीक्षण; बोले— "लाभार्थियों को पक्का मकान देने में न हो देरी, तय समय सीमा में पूरा करें लक्ष्य।"
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी
हजारीबाग। हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से भारत सरकार की एक उच्च स्तरीय टीम ने शहर का दौरा किया। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के निदेशक (HFA-1) वैभव रुंडवाल ने सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार और PMU टीम के साथ PMAY-U और PMAY-U 2.0 की वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
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| Hfa-1 |
कोलघट्टी प्रोजेक्ट का हुआ गहन निरीक्षण
केंद्रीय टीम ने विशेष रूप से हजारीबाग नगर निगम के अंतर्गत संचालित कोलघट्टी किफायती आवास परियोजना (Affordable Housing Project) और विभिन्न वार्डों में बन रहे BLC (Beneficiary Led Construction) आवासों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण की गुणवत्ता और लाभार्थियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस मौके पर CLTC अभिषेक कुमार सिंह और सिटी मैनेजर भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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| PMAY-U 0.2 |
अगस्त माह तक का दिया 'डेडलाइन'
समीक्षा बैठक के दौरान निदेशक वैभव रुंडवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अगस्त माह तक सभी निर्माणाधीन BLC आवासों को अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों को छत उपलब्ध कराना है, इसलिए प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके पक्के मकान की चाबी सौंपी जा सके।


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