-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

Hamar Hazaribagh: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाएगा जिला प्रशासन; बैटरी चालित ट्राईसाइकिल और स्मार्ट केन स्टिक के लिए 15 जुलाई तक मांगे आवेदन

हजारीबाग में दिव्यांगजनों को मिलेंगे मुफ्त सहायक उपकरण। उपायुक्त हेमंत सती ने कहा- ट्राईसाइकिल व एआई ग्लास के लिए 15 जुलाई तक करें आवेदन।
0

मुख्यमंत्री दिव्यांग कल्याणार्थ योजना: हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती की बड़ी पहल, समाहरणालय में जमा होंगे फॉर्म; मिलेंगे आधुनिक सहायक उपकरण

बैटरी ट्राईसाइकिल से लेकर 'ज्योति एआई ग्लास' तक मिलेंगे 12 प्रकार के उपकरण; जानें कहां और कैसे करना है आवेदन

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग जिले के दिव्यांगजनों को सामाजिक, आर्थिक और दैनिक रूप से आत्मनिर्भर, सशक्त एवं सक्षम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय पहल की है। जिला समाज कल्याण कार्यालय, हजारीबाग के माध्यम से 'मुख्यमंत्री दिव्यांग कल्याणार्थ योजना' एवं अन्य सरकारी मदों के तहत पात्र दिव्यांग भाई-बहनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क सहायक उपकरण (Assistive Devices) उपलब्ध कराए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शारीरिक बाधाएं किसी भी दिव्यांग व्यक्ति की शिक्षा, रोजगार और तरक्की के रास्ते में रोड़ा न बन सकें।

मुख्यमंत्री दिव्यांग कल्याणार्थ योजना के तहत मिलने वाले बैटरी चालित ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरणों की जानकारी देती फाइल फोटो।

15 जुलाई 2026 तक अंचल व जिला कार्यालय में जमा होंगे आवेदन

​मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए हजारीबाग के उपायुक्त (DC)  हेमन्त सती ने बताया कि जिले के सभी योग्य और पात्र दिव्यांगजन इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए 15 जुलाई 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा दो विकल्प दिए गए हैं:

  1. ​अपने स्थानीय क्षेत्र से संबंधित सीडीपीओ (CDPO) कार्यालय में।
  2. ​अथवा सीधे जिला समाज कल्याण कार्यालय, हजारीबाग (समाहरणालय भवन, तीसरा तला, कक्ष संख्या-301) में जाकर फॉर्म जमा किया जा सकता है।

इन 12 आधुनिक सहायक उपकरणों का किया जाएगा वितरण

​जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, दिव्यांगता की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए कुल 12 प्रकार के उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी एवं सामान्य उपकरण वितरित किए जाएंगे:

  • शारीरिक दिव्यांगता के लिए: बैटरी चालित ट्राईसाइकिल (Motorized Tricycle), सामान्य ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी (Crutches), वॉकिंग स्टिक, सीपी चेयर (CP Chair) और कैलीपर्स।
  • दृष्टि दिव्यांगता के लिए: ब्लाइंड स्टिक, स्मार्ट केन स्टिक, आधुनिक ज्योति एआई ग्लास (Jyoti AI Glass) और आर्टिफिशियल लेंस।
  • श्रवण दिव्यांगता के लिए: डिजिटल हियरिंग एड (कान की मशीन)।

​उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का यह पुरजोर प्रयास है कि समाज का यह अभिन्न अंग शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और सामाजिक गतिविधियों में सामान्य नागरिकों की तरह सक्रिय भागीदारी निभा सके और उन्हें आवागमन में किसी के भरोसे न रहना पड़े।

आवेदन मार्गदर्शिका: फॉर्म के साथ ये दस्तावेज लगाना अनिवार्य (Application Guide)

​📌 न्यूज प्रहरी की सलाह: आवेदन करने से पहले तैयार रखें ये जरूरी कागजात

इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को अपने आवेदन पत्र (Form) के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होंगे:

  1. ​सक्षम प्राधिकारी (मेडिकल बोर्ड) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate)
  2. ​पहचान पत्र (जैसे मतदाता पहचान पत्र या अन्य सरकारी आईडी)।
  3. ​हजारीबाग जिले का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र और नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो। समय सीमा का विशेष ध्यान रखें, 15 जुलाई 2026 के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

संपादकीय विश्लेषण: एआई टूल्स का समावेशन और पारदर्शी वितरण की चुनौती (Editorial)

तकनीक का स्वागत, लेकिन सुदूर गांवों तक सूचना और शिविरों का पहुंचना जरूरी

हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री दिव्यांग कल्याणार्थ योजना के तहत पारंपरिक उपकरणों के साथ-साथ 'स्मार्ट केन स्टिक' और 'ज्योति एआई ग्लास' जैसे आधुनिक तकनीकी टूल्स को शामिल करना एक बेहद प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उपकरण दृष्टिबाधित युवाओं को पढ़ाई और स्वावलंबन में क्रांतिकारी मदद दे सकते हैं। उपायुक्त हेमंत सती का यह कदम दिव्यांग समाज को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।

​हालांकि, इस योजना की वास्तविक सफलता दो प्रमुख बातों पर निर्भर करेगी। पहला- सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे चौपारण, बरही, केरेडारी) के गांवों में रहने वाले गरीब दिव्यांगों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाना, क्योंकि अक्सर ग्रामीण डिजिटल या प्रिंट मीडिया से दूर होने के कारण अंतिम तिथि से चूक जाते हैं। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुखिया स्तर पर व्यापक प्रचार की जरूरत है। दूसरा- आवेदनों की स्क्रूटनी और उपकरणों के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। यदि सीडीपीओ स्तर पर ही विशेष जांच शिविर लगाकर मौके पर ही डॉक्टर की अनुशंसा ले ली जाए, तो समाहरणालय की दौड़ भाग से दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), हजारीबाग — प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 319/02.06.2026

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972