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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh News: 5 वर्षों से आवास के लिए तरस रही बुजुर्ग महिला; खतियानी परिवार के मोहम्मद हकीम ने उठाई आवाज

पीएम आदर्श ग्राम चपवा की मोसेमात गंगिया देवी DDC दफ्तर से स्वीकृत आवास के लिए 5 साल से भटक रही हैं। खतियानी परिवार के मो. हकीम ने उठाई मांग।
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​5 वर्षों से आवास के इंतजार में पड़ोसियों के घर रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला: खतियानी परिवार के मोहम्मद हकीम ने उठाई आवाज

हजारीबाग: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम चपवा (पंचायत भेलवारा, प्रखंड सदर) से एक अत्यंत दुखद और लाचारी भरा मामला सामने आया है। गांव की अत्यंत निर्धन और असहाय महिला मोसेमात गंगिया देवी (पति स्व. सोहराय राम) पिछले पांच वर्षों से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास के लिए सरकारी तंत्र के चक्कर काट रही हैं। उनकी इस दयनीय स्थिति पर खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

Hazaribagh News: स्वीकृत होने के 5 साल बाद भी नहीं मिला PM Awas, पड़ोसियों के घर रहने को मजबूर पीड़िता!

​"धरती पर गरीब होना जुल्म, आवंटित आवास भी नहीं मिल पा रहा": मोहम्मद हकीम

​प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हकीम ने कहा, "धरती पर गरीब होना जुल्म है, लेकिन मिला हुआ आशियाना भी जब लोग छीन लेते हैं तो यह बेहद पीड़ादायक होता है। सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है, हम इसकी प्रशंसा करते हैं। लेकिन मोसेमात गंगिया देवी जैसी बिल्कुल लाचार और आर्थिक रूप से असमर्थ महिला आज भी उपेक्षित है।"

​उन्होंने सरकारी दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि:

  • स्वीकृत पत्र संख्या: उप विकास आयुक्त (DDC) कार्यालय के पत्रांक संख्या 1363 (दिनांक 16/08/2021) के क्रम संख्या 7 में मोसेमात गंगिया देवी के नाम आवास योजना आवंटित दर्ज है।
  • 5 वर्षों का इंतजार: बीते 5 वर्षों से इस पीड़ित महिला को केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर अब तक आवास का निर्माण शुरू नहीं हो सका।

​मिट्टी-खपरैल का घर हुआ क्षतिग्रस्त, बारिश के मौसम में ढहने का खतरा

​मोहम्मद हकीम ने बताया कि पीड़िता का पुश्तैनी मिट्टी और खपरैल का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। वर्तमान में जारी बारिश के मौसम में वह जर्जर मकान कभी भी ढह सकता है।

​लाचारी का आलम यह है कि वृद्धा अपने ही गांव में पड़ोसियों के यहां शरण लेकर जीवन यापन करने को विवश हैं। मोहम्मद हकीम ने प्रशासन से अपील की है कि कागजी अड़चनों को दूर कर इस असहाय महिला को तुरंत योजना की राशि का भुगतान किया जाए ताकि वे अपना पक्का मकान बना सकें और सुरक्षित जीवन जी सकें।

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