आकांक्षा योजना: झारखंड के मेधावी छात्रों के सुनहरे भविष्य का आधार, सरकारी स्कूल के बच्चों को NEET, JEE और CLAT की नि:शुल्क कोचिंग
रांची: झारखंड सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संचालित 'आकांक्षा' (Aakanksha-40) योजना झारखंड के युवाओं के सुनहरे भविष्य का मजबूत आधार बनकर उभरी है。A
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| Jharkhand Aakanksha Scheme: सरकारी स्कूल के छात्र अब बनेंगे डॉक्टर-इंजीनियर! जानिए कैसे लें फ्री एडमिशन। |
इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह नि:शुल्क आवासीय कोचिंग (Free Residential Coaching) प्रदान की जा रही है。
'आकांक्षा-40' योजना का मुख्य लक्ष्य
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से विपन्न परंतु पढ़ने में तेज विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग (Engineering), मेडिकल (Medical) और लॉ (Law) की उच्च स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है ताकि वे बड़े निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहे बिना देश के शीर्ष तकनीकी और विधिक संस्थानों में दाखिला ले सकें。
योजना की प्रमुख विशेषताएं और सुविधाएं
झारखंड सरकार द्वारा 'आकांक्षा योजना' के तहत चयनित विद्यार्थियों को एक ही छत के नीचे सर्वसुविधायुक्त माहौल दिया जाता है:
- शत-प्रतिशत नि:शुल्क सुविधा: चयनित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित आवास (रहने) का पूरा खर्च पूरी तरह झारखंड सरकार उठाती है।
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लक्ष्य एक, तैयारी पक्की: इसके तहत मुख्य रूप से तीन राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है:
- NEET (चिकित्सा/मेडिकल क्षेत्र के लिए)
- JEE (अभियांत्रिकी/इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए)
- CLAT (विधिक/लॉ क्षेत्र के लिए)
व्यवस्थित शिक्षण मॉडल और चयन प्रक्रिया
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक व्यवस्थित प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) अपनाई जाती है। इसके तहत झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित एक दो-चरणीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राज्य भर से मेधावी छात्रों का निष्पक्ष चयन किया जाता है।
चयनित बच्चों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने के लिए एक सुदृढ़ और व्यवस्थित शिक्षण मॉडल तैयार किया गया है, जिसके प्रमुख स्तंभ हैं:
- अनुभवी शिक्षक: विषय विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षकों द्वारा उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान की जाती है।
- नियमित मूल्यांकन: बच्चों की तैयारी को परखने के लिए लगातार पीरियोडिक मॉक टेस्ट और प्रदर्शन मूल्यांकन किया जाता है।
- डाउट क्लियरिंग: कठिन विषयों को समझने के लिए विशेष डाउट क्लियरिंग सेशंस और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की व्यवस्था है।
- करियर परामर्श: छात्रों के मानसिक मनोबल को बढ़ाने और सही करियर दिशा देने के लिए लगातार काउंसलिंग प्रदान की जाती है।
"शिक्षा से सशक्त युवा, समृद्ध होगा झारखंड हमारा। आकांक्षा है अब हर सपने को पूरा करने की ताकत!"
— झारखंड सरकार का मूल संकल्प

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