पुलिस अधीक्षक के कड़े संज्ञान के बाद चौपारण थाना प्रभारी ने की त्वरित कार्रवाई, सभी आरोपी भेजे गए न्यायिक हिरासत में
संवाददाता, चौपारण (हजारीबाग): हजारीबाग जिला पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के कड़े निर्देश और कुशल मार्गदर्शन में चौपारण थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय भूषणडीह में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल घटना में शामिल सभी शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, बल्कि स्कूल से चोरी की गई सरकारी संपत्तियों को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
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अज्ञात चोरों ने सरकारी विद्यालय को बनाया था निशाना
घटनाक्रम के अनुसार, दिनांक 10 जुलाई 2026 को चौपारण थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय मध्य विद्यालय भूषणडीह में अज्ञात अपराधियों द्वारा घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। सरकारी शिक्षण संस्थान में हुई इस चोरी की घटना को हजारीबाग पुलिस अधीक्षक ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा और अपराधियों में कानून का भय पैदा करने के उद्देश्य से चौपारण थाना प्रभारी को मामले का त्वरित अनुसंधान करने और अभियुक्तों को अभिलंब गिरफ्तार करने का कड़ा विधिक निर्देश जारी किया।
त्वरित अनुसंधान से अल्प समय में पुलिस को मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक से मिले दिशा-निर्देशों के आलोक में चौपारण थाना प्रभारी ने एक विशेष जांच टीम का गठन कर तकनीकी और स्थानीय स्तर पर छानबीन प्रारंभ की। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बेहद कम समय में कांड में संलिप्त गिरोह के सभी चार सदस्यों को चिन्हित कर उनके छिपने के ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें धर दबोचा।
गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्त एक ही गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
राकेश राणा, पिता- रूदो राणा
संतोष कुमार यादव, पिता- महेश यादव
युगेश माली, पिता- महेंद्र माली
रितेश कुमार यादव, पिता- शंकर यादव (सभी निवासी: ग्राम- भूषणडीह, थाना- चौपारण, जिला- हजारीबाग)
चोरी गई सरकारी सामग्री की विवरण और विधिक कार्रवाई
अभियुक्तों की निशानदेही और स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने उनके पास से विद्यालय से चोरी की गई सभी महत्वपूर्ण सामग्रियां बरामद कर ली हैं। बरामद सामानों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
विद्यालय से चोरी की गई भारी क्षमता वाली बैटरी।
विद्युत उपकरणों के संचालन में प्रयुक्त होने वाला स्टेबलाइजर।
थाना प्रशासन द्वारा वर्तमान में सभी विधिक औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से विद्वान न्यायाधीश के आदेशानुसार उन्हें न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

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