व्यावहारिक ज्ञान और सेवा भाव का अनुभव: गृह विज्ञान के विद्यार्थियों ने डेयरी उत्पादन और सामाजिक कार्यों को करीब से समझा
संवाददाता, हजारीबाग:
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक परिभ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और औद्योगिक प्रक्रियाओं से रूबरू कराना था। विभागाध्यक्ष सह समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. रेणु बोस ने बताया कि यह परिभ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और भविष्य की कार्य-कुशलता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
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सेवा और मानवीय मूल्यों का अनुभव
परिभ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने रांची स्थित 'गुरु नानक होम फॉर हैंडिकैप्ड एंड अदर डिसेबल्ड चिल्ड्रन' का दौरा किया। वहां के अधिकारियों और कर्मियों ने विद्यार्थियों को संस्था की कार्यप्रणाली, आवासीय व्यवस्थाओं और दिव्यांगजनों के प्रति की जा रही सेवा संबंधी गतिविधियों से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने देखा कि किस प्रकार संस्थागत सहयोग के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को सुधारा जा रहा है। इस अनुभव ने विद्यार्थियों में सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गहरी संवेदना जागृत की।
दुग्ध उत्पादन की औद्योगिक प्रक्रिया को समझा
भ्रमण के दूसरे भाग में विद्यार्थियों ने रांची स्थित सुधा डेयरी प्लांट का अवलोकन किया। इस तकनीकी दौरे में विद्यार्थियों को दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण (Processing), गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग की संपूर्ण आधुनिक व्यवस्थाओं की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। डेयरी के अधिकारियों ने प्लांट का भ्रमण कराते हुए उत्पादन चक्र के हर चरण की तकनीकी जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण और पोषण विज्ञान के औद्योगिक पहलुओं को समझने में सहायता मिली।
यह शैक्षणिक परिभ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ। इस दौरान विभाग के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित ऐसे परिभ्रमण न केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य के करियर निर्माण में भी मील का पत्थर सिद्ध होते हैं।

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