प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल, अतिक्रमण हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की वकालत
संवाददाता, विष्णुगढ़:
हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने सोमवार को विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक का दौरा कर प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई से प्रभावित फुटपाथ दुकानदारों की पीड़ा साझा की। कार्रवाई के बाद से रोजी-रोटी के संकट से जूझ रहे दुकानदारों ने सांसद को अपनी व्यथा सुनाई और पुनर्वास की मांग की। पिछले 40 से 50 वर्षों से कार्यरत इन दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि वे विष्णुगढ़ के विकास में सहयोग के लिए तैयार हैं और प्रशासन द्वारा निर्धारित शुल्क देने का भी प्रस्ताव रखा है।
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मानवीय दृष्टिकोण और नैतिक दायित्व
सांसद मनीष जायसवाल ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि उनकी पुनर्वास की मांग को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य अनिवार्य हैं, किंतु गरीब और मेहनतकश लोगों की आजीविका की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसी भी परिवार का रोजगार छीनने से पहले सरकार और प्रशासन का यह नैतिक दायित्व है कि वह उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में उपायुक्त से वार्ता कर एक स्थायी और न्यायसंगत समाधान की दिशा में प्रयास करेंगे।
जाम की समस्या और स्थायी समाधान
सांसद ने हॉस्पिटल चौक पर उत्पन्न जाम की समस्या का विश्लेषण करते हुए दो मुख्य बिंदु सामने रखे:
- पार्किंग का अभाव: अस्पताल क्षेत्र और मेडिकल प्रतिष्ठानों के पास वाहनों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था का न होना जाम का मुख्य कारण है। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ प्रभावी पार्किंग और सुदृढ़ यातायात प्रबंधन लागू किया जाना चाहिए।
- मानवीय दृष्टिकोण: उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदार प्रशासन से बातचीत के दौर में थे और स्वयं भी सहयोग के लिए तैयार थे, बावजूद इसके जल्दबाजी में की गई कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने प्रभावितों से साहस बनाए रखने और अपने व्यवसाय को पुनः आरंभ करने का आग्रह किया।
पुनर्वास हेतु दुकानदारों का सुझाव
प्रभावित व्यापारियों ने मांग की है कि उन्हें प्रखंड मुख्यालय परिसर या +2 उच्च विद्यालय की दीवार के समीप स्थायी स्थान आवंटित किया जाए। उन्होंने प्रशासन को भरोसा दिया है कि वे विकास और स्वच्छता के नाम पर उचित शुल्क का भुगतान भी करने को तैयार हैं। सांसद ने इसे एक सकारात्मक सुझाव मानते हुए प्रशासन को इसे गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही। विष्णुगढ़-गोविंदपुर लिंक रोड की इस समस्या का समाधान अब संतुलित और संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण पर निर्भर करता है, ताकि कानून व्यवस्था और आजीविका के बीच एक सामंजस्य बना रहे।

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