विधायक जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन में आर-पार: 24 घंटे में माफी के अल्टीमेटम पर बोले जयराम— 'फांसी पर चढ़ जाऊंगा, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा!'
धनबाद/रांची (न्यूज़ प्रहरी विशेष पॉलिटिकल डेस्क): डुमरी विधायक एवं झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) प्रमुख जयराम कुमार महतो और झारखंड पुलिस एसोसिएशन/मेंस एसोसिएशन के बीच विवाद अब बेहद तल्ख मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस संघों द्वारा 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने के दिए गए अल्टीमेटम को विधायक जयराम महतो ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे "फांसी पर चढ़ जाएंगे, लेकिन किसी भी सूरत में माफी नहीं मांगेंगे।"
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| Dumri MLA Jairam Mahato reacting to Police Association ultimatum in Dhanbad |
उधर, पुलिस संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विधायक ने निर्धारित 24 घंटे में सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, तो धनबाद जिले के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे और कार्य बहिष्कार की राह पकड़ेंगे।
जयराम महतो का तीखा पलटवार और बड़े आरोप:
विधायक जयराम महतो ने पुलिस एसोसिएशन के विरोध पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए:
- 'फांसी कबूल, माफी नहीं': जयराम महतो ने कहा कि पुलिस एसोसिएशन कोई अदालत या जज नहीं है जो फैसला सुनाए। वे किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
- व्यक्तिगत बातचीत का हवाला: विधायक ने दावा किया कि उन्होंने कोई सार्वजनिक मंच से बयान नहीं दिया था, बल्कि वह एक व्यक्तिगत बातचीत थी जिसे तूल दिया जा रहा है।
- वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल: उन्होंने पुलिस एसोसिएशन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी (डीसी-एसपी) पुलिसकर्मियों व कनिष्ठ अधिकारियों के साथ अनुचित भाषा का प्रयोग करते हैं, तब एसोसिएशन उनके खिलाफ मोर्चा क्यों नहीं खोलता?
- एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल: जयराम महतो ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि पुलिस एसोसिएशन इतनी ही निष्पक्ष और सिद्धांतवादी है, तो वह उन उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्रवाई की मांग करे।
पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी:
पुलिस मेंस एसोसिएशन और पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विधायक के हालिया व्यवहार व बयानों को पुलिस बल के मनोबल पर चोट बताया है। संघ का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ ऐसा आचरण कतई स्वीकार्य नहीं है। यदि 24 घंटे में विधायक माफी नहीं मांगते हैं, तो जिलेभर में पुलिसकर्मी चरणबद्ध आंदोलन के तहत काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे और विधि-व्यवस्था से जुड़े गैर-आपातकालीन कार्यों का बहिष्कार करेंगे।

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